सोना-हीरा के बाद पहनिए अब कोयला का झुमका-हार, कोयले के गहने बना रहा धनबाद का सिंफर

    सोना-हीरा के बाद पहनिए अब कोयला का झुमका-हार, कोयले के गहने बना रहा धनबाद का सिंफर

    धनबाद (DHANBAD) :  ब्लैक कार्बन का प्रयोग कर अब आर्टिफिशियल ज्वैलरी की सामग्रियां बनाई जाएगी. सीएसआईआर और सिंफर ने धनबाद में ईंधन के रूप में उपयोग में लाए जा रहे ब्लैक डायमंड (कोयले) को इस रूप में प्रजेंट करने की कोशिश की है. जानकारी के अनुसार, सिंफ़र के निदेशक डॉ प्रदीप सिंह के नेतृत्व में संस्थान की ऊर्जावान टीम ने कोयले से जेवर के अलावा घर को सजाने के काम में आने वाले सामानों को तैयार किया है. यह सब केवल बहुप्रयोगी ही नहीं, बल्कि मजबूत भी है और देखने में खूबसूरत भी. जिस तरह महिलाएं सोने और हीरे के आभूषण को हार, झुमके और बाली की तरह पहनती हैं. उसी तरह कोयले से भी ये जेवर तैयार किया गया हैं. डॉ बीएसएलवी कहते हैं कि झारखंड की जनजातीय संस्कृति से जुड़ी कला को भी कोयले के जरिए प्रस्तुत करने की कोशिश हो रही है. सिंफ़र का प्रयास है कि धनबाद का कोयला(काला हीरा) देश-विदेश में चमके और ईंधन के विकल्प के रूप में इसका उपयोग हो. सिंफ़र के पास इसकी मार्केटिंग से लेकर रोजगार सृजन की भी महत्वाकांक्षी योजना है.

    रिपोर्ट: अभिषेक कुमार सिंह, ब्यूरो हेड(धनबाद)



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