वीडियो AI जेनरेटेड है या ओरिजिनल पहचान में नहीं होगी दिक्कत, सरकार लागू करने जा रही है ये नया नियम

    वीडियो AI जेनरेटेड है या ओरिजिनल पहचान में नहीं होगी दिक्कत, सरकार लागू करने जा रही है ये नया नियम

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK):AI के जमाने में फेक और असली वीडियो फोटो में अंतर बताना सभी के लिए मुश्किल हो चुका है.असली और नकली में पहचान इसलिए भी मुश्किल है क्योंकि एआई हू बहू ऐसी ही तस्वीर और वीडियो बनाकर आपको आसानी से कुछ ही समय में दे देता है.हालांकी एआई का अगर स्मार्ट इस्तेमाल किया जाए तो इसे आप अपने काम को आसान बना सकते है और किसी का भला भी कर सकते है.लेकिन धोखाधड़ी के इस जमाने में एआई का धड़ल्ले से गलत इस्तेमाल किया जा रहा है जहां फुहड़ और अश्लील वीडियो फोटो बनाकर लोग अश्लीलता खुलेआम सोशल मीडिया पर परोस रहे है.ऐसे लोगों पर सख्ती बढ़ाने के लिए सरकार अब नियमों में बदलाव करने जा रही है.जिसका उल्लंघन करना सभी के लिए महंगा पड़ सकता है.

    AI के गलत उपयोग पर लगेगी रोक

    आजकल किसी के भी फोटो वीडियो को एआई से जेनरेट करके कुछ भी करवाया जा सकता है.एक हद तक तो ये सही है लेकिन लोग जब लिमिट क्रॉस करने लगते है तो किसी भी चीज़ की हद हो जाती है.दरअसल सोशल मीडिया पर लोग किसी का भी वीडियो और फोटो एआई से क्रिएट करके वायरल कर रहे है वही लोगों को इसमे अंतर पहचानने में मुश्किल हो रही है.ऐसे में सरकार 20 फरवरी से नियमों में बदलाव करने जा रही है जहां अब अगर आप एआई वीडियो डालते है तो आपको जिक्र करना पड़ेगा कि ये एआई वीडियो है या रियल.सोशल मीडिया कंपनियों को भी सरकार ने सख्त निर्देश दिया है कि वह सरकार निशा निशा निर्देशों का पालन करें.

    सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर होगा असर

    सरकार द्वारा इस नए नियम को लागू करने का सबसे ज्यादा असर यूट्यूब एक्स और सोशल मीडिया फेसबुक प्लेटफॉर्म पर पड़ेगा जिस पर अगर आप गलत कंटेंट डालते है तो आपको 3 घंटे के अंदर ही डिलीट करना पड़ेगा या हटाना पड़ेगा.यानी आपका कोई भी वीडियो जो AI है आपको लेबल लगाकर ही पोस्ट करना है, ताकि आम लोगों को पचानाने में दिक्कत ना हो कि वह एआई जेनरेट है या रियल.हालांकी इसको लेकर बहुत से लोग जो सोशल मीडिया पर इन्फ्लुएंसर है या वीडियो रील्स बनाते है उनके मन में काफी दुविधा है जिसको सरकार ने क्लियर कट में जवाब दिया है.

    सरकार ने तय किए है नियम

    सरकार की ओर से एआई जेनरेटेड वीडियो पर लेबल लगाने के लिए कहा गया है लेकिन जो लोग केवल एडिटिंग के लिए एआई का इस्तमाल करते है यानी कि किसी वीडियो या फोटो को बेहतर बनाने या कुछ सिखाने या सिखाने के लिए एआई का इस्तेमाल कर रहे है तो आपको डरने की जरूरत नहीं है केवल एआई के गलत इस्तेमाल पर ही सरकार कार्रवाई लेगी.सरकार ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर कोई वीडियो या फोटो को बनाने में एआई की मदद ली गई है तो कंटेंट पर लेबल लगाने की जरूरत पड़ेगी जो एल्गोरिथम द्वारा तैयार की गई है जिसमे किसी भी व्यक्ति या घटना को चेंज करके ऐसा बनाया गया है जिससे कि वह असली लगे.असली या नकली में फर्क करना मुश्किल हो जाए तो वह ही वीडियो या फोटो पर ये नियम लागू होगा.

    सोशल मीडिया पर वीडियो और बनाने वाले ध्यान से पढ़े

    अगर आप भी एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं और वीडियो या रील बनाते है तो आपको एक बात जरूर जान लेनी चाहिए कि अगर आप एआई का इस्तेमाल वीडियो की गुणवत्ता सुधारने के लिए आवाज को सही करने के लिए कर रहें है तो इसमें कोई दिक्कत नहीं है.क्योंकि आप किसी वीडियो या फोटो को सुधारने के मकसद से AI उपयोग कर रहे हैं ना कि किसी को धोखा देने की कोशिश कर रहे है.

    धोखाधड़ी के नियत से नहीं करना है AI का इस्तेमाल 

    वही सरकार ने शिक्षा और प्रेजेंटेशन पर भी बड़ी राहत दी है जहां पढ़ाई-लिखाई से संबंधित समग्री जैसी ट्रेंडिंग वीडियो रिपोर्ट ऑफिस की प्रेजेंटेशन बनाने में अगर आप एआई की मदद लेते है तो आपको लेबल करने की जरूरत नहीं है हालांकी इसमे एक शर्त जरूर रखी गई है कि आपको कोई भी नकली रिकॉर्ड या जाली दस्तावेज को तैयार नहीं करना है.उदाहरण के तौर पर आप इस तरीके से समझ सकते है कि अगर कोई एआई का इस्तेमाल करके फेक आईडी कार्ड या सर्टिफिकेट तैयार करते है तो यह पूरी तरीके से गैरकानूनी माना जाएगा और कार्रवाई भी हो सकती है.यानी AI आपकी सुविधा के लिए बनाया गया है ना कि किसी को धोखा देने के लिए.


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