दुमका : कोरोना काल के बाद हो रहा हिजला मेला का आयोजन, उपायुक्त ने अधिकारियों के साथ की बैठक, दिए निर्देश

    दुमका : कोरोना काल के बाद हो रहा हिजला मेला का आयोजन, उपायुक्त ने अधिकारियों के साथ की बैठक, दिए निर्देश

    दुमका (DUMKA) : दुमका समाहरणालय सभागार में उपायुक्त रविशंकर शुक्ला की अध्यक्षता में राजकीय जनजातीय हिजला मेला महोत्सव 2023 की तैयारी को लेकर बैठक का आयोजन किया गया. बैठक में डीसी ने राजकीय जनजातीय हिजला मेला महोत्सव 2023 के सफल आयोजन के लिए विभिन्न विभागों को उनके द्वारा किये जाने वाले कार्यों से अवगत कराया. वहीं अधिकारियों को सभी कार्यों को ससमय पूर्ण करने का निर्देश दिया. उपायुक्त ने मेला क्षेत्र के दिवारों का रंग रोगन करने और साफ-सफाई कराने का निर्देश संबंधित अधिकारी को दिया. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि कुल 6 तोरण द्वार बनाये जाएंगे. बाहरी कला मंच और भीतरी कला मंच में शौचालय सहित पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय. सभी कार्यों को जल्द से जल्द पूरा कर ली जाय.

    मेले में डस्टबिन का अधिष्ठापन

    उपायुक्त ने नगर परिषद को निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र की साफ सफाई बेहतर ढंग से की जाय. मेला अवधि के दौरान अलग से सफाई कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की जाय. जगह जगह पर डस्टबिन का अधिष्ठापन करें. मेला अवधि के दौरान प्रतिदिन फोगिंग कराया जाय. कृषि विभाग को निर्देश दिया गया कि राजकीय जनजातीय हिजला मेला महोत्सव 2023 के दौरान लगाए जाने वाले स्टॉल की सभी आवश्यक तैयारियां ससमय पूर्ण कर ली जाय. अन्य जिलों से भी कृषकों को प्रदर्शनी के लिए आमंत्रण करें.

    मेले में पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध कराने का निर्देश

    उपायुक्त ने कहा कि मेला क्षेत्र में जगह जगह पर पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध रहे ताकि लोगों को पेयजल के लिए परेशान नहीं होना पड़े। उन्होंने कहा कि मेला के दौरान अपने कला का प्रदर्शन करने के लिए अन्य जिलों तथा अन्य राज्यों के भी कलाकारों को आमंत्रित करें. सभी राज्य के पर्यटन विभाग को आमंत्रण पत्र भेज दिया जाय ताकि उनके राज्य के कलाकार भी मेला में भाग लेने के लिए आ सकें. आदिवासी समाज के पुराने वाद्य यंत्र के साथ प्रदर्शन करने वाले कलाकार को प्राथमिकता दें. निर्देश दिया कि सभी प्रखंड कार्यालय में मेला से संबंधित होर्डिंग लगाए जाए ताकि अधिक से अधिक लोग राजकीय जनजातीय हिजला मेला महोत्सव 2023 में पहुंच सकें.

    कोरोना के कारण नहीं हो पाया मेले का आयोजन

    बता दें कि दुमका के हिजला में मयूराक्षी नदी के तट पर वर्ष 1890 से ही हिजला मेला का आयोजन होता रहा है. पूर्ववर्ती सरकार ने हिजला मेला को राजकीय मेला का दर्जा देते हुए मेला के पूर्व जनजातीय शब्द को जोड़ा. विगत 2 वर्षों तक कोरोना के कारण मेला का आयोजन नहीं हो पाया. इस वर्ष जब स्थिति सामान्य है तो मेला की तैयारी प्रशासनिक स्तर से शुरू कर दी गई है. 24 फरवरी से 3 मार्च तक मेला का आयोजन होगा.

    रिपोर्ट : पंचम झा, दुमका


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