सिगरेट का धुआं बुझा रहा चेहरे का नूर! समय से पहले बेजान हो रही स्किन

    सिगरेट का धुआं बुझा रहा चेहरे का नूर! समय से पहले बेजान हो रही स्किन

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK): चेहरे पर बढ़ती झुर्रियां, फीकी पड़ती चमक और ढीली होती त्वचा को लोग अक्सर बढ़ती उम्र का असर मान लेते हैं. लेकिन सच यह है कि कई बार हमारी कुछ रोजमर्रा की आदतें समय से पहले ही चेहरे की रौनक छीनने लगती हैं. खासकर एक ऐसी आदत, जिसे आजकल कई लोग स्टाइल, तनाव कम करने या फिट दिखने का हिस्सा समझते हैं, वही धीरे-धीरे त्वचा की सबसे बड़ी दुश्मन बन सकती है. हम बात कर रहे हैं स्मोकिंग यानी धूम्रपान की.

    अक्सर सिगरेट को फेफड़ों, दिल और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसका असर केवल शरीर के अंदरूनी हिस्सों तक सीमित नहीं रहता. धूम्रपान आपकी त्वचा को भी तेजी से नुकसान पहुंचाता है. यही वजह है कि कई स्मोकर्स उम्र से पहले बूढ़े दिखाई देने लगते हैं, चाहे वे कितने भी महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स या ब्यूटी ट्रीटमेंट का इस्तेमाल क्यों न कर लें.

    सिगरेट के धुएं में हजारों जहरीले रसायन मौजूद होते हैं, जो त्वचा की गहराई तक असर डालते हैं. ये केमिकल्स त्वचा में पाए जाने वाले कोलेजन और इलास्टिन नामक जरूरी प्रोटीन को नुकसान पहुंचाते हैं. यही दोनों तत्व स्किन को टाइट, मुलायम और लचीला बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं. जब इनकी मात्रा कम होने लगती है तो त्वचा ढीली पड़ने लगती है और चेहरे की चमक धीरे-धीरे खत्म होने लगती है.

    लगातार स्मोकिंग करने वालों के चेहरे पर समय से पहले झुर्रियां दिखाई देने लगती हैं. डॉक्टरों के मुताबिक, बार-बार सिगरेट का कश लेने के दौरान होंठों को सिकोड़ने की आदत मुंह के आसपास महीन रेखाएं बना देती है. वहीं आंखों के किनारों पर भी फाइन लाइंस और फोल्ड्स जल्दी विकसित होने लगते हैं. यही कारण है कि कम उम्र में भी चेहरा ज्यादा उम्रदराज दिखने लगता है.

    धूम्रपान का असर केवल चेहरे तक सीमित नहीं रहता. लंबे समय तक स्मोकिंग करने से शरीर के अन्य हिस्सों की त्वचा भी प्रभावित हो सकती है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि स्मोकर्स में गर्दन, अंडरआर्म्स और ब्रेस्ट के आसपास की त्वचा जल्दी ढीली पड़ने लगती है. ऐसा त्वचा की प्राकृतिक लोच कम होने की वजह से होता है.

    इसके अलावा स्मोकिंग कई गंभीर त्वचा संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ा सकती है. लगातार धूम्रपान करने वालों में स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा जैसे स्किन कैंसर का जोखिम ज्यादा पाया जाता है. साथ ही खुजली, रैशेज, एलर्जी और त्वचा में जलन जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं.

    धूम्रपान का असर त्वचा के रंग और चमक पर भी साफ दिखाई देता है. सिगरेट के धुएं में मौजूद केमिकल्स शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा को प्रभावित करते हैं और ब्लड सर्कुलेशन को कमजोर कर देते हैं. इसका सीधा असर स्किन सेल्स पर पड़ता है, जिससे त्वचा बेजान और डल नजर आने लगती है. चेहरे का नैचुरल ग्लो धीरे-धीरे खत्म होने लगता है और त्वचा थकी हुई दिखाई देने लगती है.

    रिपोर्ट्स के अनुसार, एक सिगरेट के धुएं में 7 हजार से ज्यादा केमिकल्स पाए जाते हैं. इनमें करीब 70 ऐसे तत्व होते हैं जिन्हें कैंसर पैदा करने वाला माना जाता है. यही वजह है कि डॉक्टर स्मोकिंग छोड़ने की सलाह केवल फेफड़ों और दिल की सुरक्षा के लिए ही नहीं बल्कि हेल्दी और यंग दिखने वाली त्वचा के लिए भी देते हैं.

    स्किन एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक अपनी त्वचा को ग्लोइंग और स्वस्थ बनाए रखना चाहता है, तो उसे स्मोकिंग से दूरी बनानी चाहिए. इसके साथ ही पर्याप्त पानी पीना, पौष्टिक आहार लेना और नियमित स्किन केयर रूटीन अपनाना भी बेहद जरूरी है.

    डिस्क्लेमर: इसमें दी गई जानकारी सामान्य स्वास्थ्य संबंधी मान्यताओं पर आधारित है. THE NEWS POST  इनकी पुष्टि नहीं करता है. किसी भी सलाह को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ या डॉक्टर से परामर्श जरूर लें.

     



    Related News