टीएनपी डेस्क(TNP DESK): बच्चों की बेहतर ग्रोथ और संतुलित पोषण के लिए दूध को एक संपूर्ण आहार माना जाता है. इसमें मौजूद कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन D, A और B कॉम्प्लेक्स जैसे पोषक तत्व हड्डियों को मजबूत बनाने, मांसपेशियों के विकास, दांतों की सेहत और मानसिक विकास में अहम भूमिका निभाते हैं. नियमित रूप से सही गुणवत्ता वाला दूध पीने से बच्चों की शारीरिक क्षमता बढ़ती है और इम्यून सिस्टम भी मजबूत होता है. लेकिन अक्सर लोग दूध खरीदते समय कुछ जरूरी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे न केवल दूध की गुणवत्ता प्रभावित होती है बल्कि स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ सकता है. इसलिए दूध का पैकेट खरीदते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों की जांच जरूर करनी चाहिए.
- एक्सपायरी डेट और यूज बाय डेट जरूर देखें
दूध जल्दी खराब होने वाला खाद्य पदार्थ है. इसलिए पैकेट पर लिखी एक्सपायरी या यूज बाय डेट को ध्यान से पढ़ना बेहद जरूरी है. कोशिश करें कि ऐसा पैकेट लें जिसकी तारीख में कम से कम एक-दो दिन शेष हों. एक्सपायरी के करीब पहुंचा दूध जल्दी फट सकता है और फूड पॉइजनिंग का खतरा भी बढ़ा सकता है/ - अपनी जरूरत के अनुसार दूध का प्रकार चुनें
बाजार में फुल क्रीम, टोंड और डबल टोंड दूध उपलब्ध होता है.
- फुल क्रीम दूध में फैट अधिक होता है, जो छोटे बच्चों और वजन बढ़ाने की जरूरत वाले लोगों के लिए उपयुक्त है.
- टोंड दूध में फैट संतुलित मात्रा में होता है, जो रोजमर्रा के उपयोग के लिए अच्छा विकल्प है.
- डबल टोंड दूध में फैट कम होता है, इसलिए यह वजन नियंत्रित रखने या हृदय संबंधी समस्याओं वाले लोगों के लिए बेहतर माना जाता है.
- FSSAI लोगो और लाइसेंस नंबर की जांच करें
दूध के पैकेट पर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) का लोगो और लाइसेंस नंबर होना जरूरी है. यह संकेत देता है कि उत्पाद निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरता है और उपभोग के लिए सुरक्षित है. बिना लाइसेंस या संदिग्ध पैकेट खरीदने से बचें. - पैकेट की सील और लीकेज पर ध्यान दें
दूध का पैकेट पूरी तरह सील होना चाहिए। यदि पैकेट गीला, चिपचिपा या फटा हुआ लगे तो उसे न खरीदें. सील के पास दूध की बूंदें दिखने का मतलब हो सकता है कि पैकेट में हवा प्रवेश कर गई है, जिससे दूध जल्दी खराब हो सकता है. - सही स्टोरेज की पुष्टि करें
दूध को हमेशा ठंडे तापमान, यानी लगभग 4 डिग्री सेल्सियस या उससे कम पर रखना चाहिए. खरीदते समय देखें कि दुकानदार दूध को चिलर या रेफ्रिजरेटर में रख रहा है या नहीं. खुले में, धूप में या सामान्य तापमान पर रखा दूध जल्दी खराब हो सकता है. - सूजे हुए पैकेट से सावधान रहें
अगर दूध का पैकेट फूला हुआ दिखाई दे तो उसे बिल्कुल न लें. यह संकेत है कि अंदर बैक्टीरिया पनप चुके हैं और गैस बन रही है. ऐसा दूध पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है. - प्योरिटी मार्क या QR कोड की जांच करें
कई प्रतिष्ठित ब्रांड अब अपने पैकेट पर होलोग्राम या QR कोड देते हैं. इन्हें स्कैन करके आप उत्पाद की शुद्धता और स्रोत की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. यह मिलावट से बचने का एक अच्छा तरीका है. याद रखें, जागरूक उपभोक्ता ही सुरक्षित उपभोक्ता होता है. दूध खरीदते समय इन सात बातों का ध्यान रखकर आप अपने परिवार की सेहत की रक्षा कर सकते हैं और अपने पैसों का सही उपयोग भी सुनिश्चित कर सकते हैं.
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