गढ़वा (GARHWA): झारखंड के गढ़वा जिला मुख्यालय से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया है. सड़क हादसे में घायल एक महिला को समय पर एम्बुलेंस नहीं मिली, तो परिजनों को मजबूरी में उसे ठेले पर बैठाकर अस्पताल पहुंचाना पड़ा.
घटना गढ़वा शहर के रेलवे स्टेशन के पास की है, जहां इंजोरिया कुंवर नामक महिला सड़क पार कर रही थी. इसी दौरान एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं. हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत एम्बुलेंस सेवा को फोन किया, लेकिन काफी देर तक कोई मदद नहीं पहुंची.
समय बीतता गया और महिला दर्द से कराहती रही. ऐसे में परिजनों के सामने कोई विकल्प नहीं बचा. अंततः महिला के बेटे ने अपनी मां को ठेले पर बैठाया और करीब दो किलोमीटर का सफर तय कर सदर अस्पताल पहुंचाया. इस दौरान रास्ते में लोगों की भीड़ जमा हो गई और हर कोई इस व्यवस्था को लेकर सवाल उठाता नजर आया.
सदर अस्पताल पहुंचने के बाद महिला को भर्ती किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक इलाज किया. महिला के हाथ में फ्रैक्चर बताया गया है, जिसका इलाज किया जा रहा है. फिलहाल उसकी हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर बताई जा रही है.
इस पूरे मामले पर जिले के सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ केनेडी ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं थी और न ही किसी ने उनसे संपर्क किया. उन्होंने दावा किया कि जिले में एम्बुलेंस की कोई कमी नहीं है. उनके अनुसार, संभव है कि जिस समय कॉल किया गया, उस वक्त 108 एम्बुलेंस किसी अन्य आपात स्थिति में व्यस्त रही हो, जिसके कारण देरी हुई.
हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और आपातकालीन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय पर एम्बुलेंस मिल जाती, तो महिला को इस तरह ठेले पर अस्पताल ले जाने की नौबत नहीं आती.
रिपोर्ट : धर्मेन्द्र कुमार
Thenewspost - Jharkhand
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