गढ़वा (GARHWA): जिले के सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति एक बार फिर चिंताजनक रूप में सामने आई है. करोड़ों रुपये की लागत से तैयार इस अस्पताल को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस बताया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. ताजा घटना में सड़क दुर्घटना में घायल एक मरीज को स्लाइन चढ़ाने के लिए स्टैंड तक उपलब्ध नहीं हो पाया. मजबूरी में मरीज के परिजनों को हाथ में स्लाइन की बोतल पकड़कर ड्रिप चढ़वानी पड़ी, जो अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को साफ तौर पर उजागर करता है.
सूत्रों के अनुसार, अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन आवश्यक संसाधनों और उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है. इसका असर सीधे तौर पर मरीजों के इलाज पर पड़ रहा है. कई बार डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ भी सीमित संसाधनों में काम करने को मजबूर हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है.
लगातार सामने आ रही लापरवाही की घटनाएं
यह कोई पहली घटना नहीं है. बीते एक महीने के भीतर अस्पताल से कई चौंकाने वाली तस्वीरें और खबरें सामने आ चुकी हैं. कभी मरीजों को एम्बुलेंस के बजाय ठेले पर लाने का मामला सामने आया, तो कभी ऑपरेशन थिएटर में भीषण गर्मी के बीच एसी और पंखे बंद मिलने की शिकायतें मिलीं. इन घटनाओं ने अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. उनका कहना है कि यदि जल्द ही अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया, तो इसका खामियाजा आम लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर भुगतना पड़ेगा. अब जरूरत है कि जिम्मेदार अधिकारी इस ओर गंभीरता से ध्यान दें और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाएं.

