रांची(RANCHI): झारखंड पुलिस के लिए चुनौती बने गैंगस्टरों पर अब सीआईडी बड़ी कार्रवाई करेगी. सीआईडी की स्पेशल विंग विदेश में बैठे कुख्यात अपराधियों की कुंडली खंगालने में लगी है. जिसके बाद सभी को भारत लाने के लिए विदेशी एजेंसी के साथ ताल मेल बैठा कर कार्रवाई शुरू होगी. इस लिस्ट में पहले नंबर पर कुख्यात प्रिंस खान फिर राहुल दुबे ,राहुल सिंह है. सभी का डेटा खंगाल कर एजेंसी आगे कार्रवाई कर सकती है. गैंगस्टरों के प्रत्यर्पण के लिए एक स्पेशल विंग सीआईडी में बनाया गया है.
दरअसल एक तरफ ATS,झारखंड पुलिस कार्रवाई कर रही है. इस बीच ही जब गैंगस्टरों का आतंक बढ़ गया तो अब सीआईडी ने भी बड़ी तैयारी की है. जिससे राज्य में इनके आतंक को खत्म किया जा सके. सीआईडी की एक बड़ी टीम इस स्पेशल विंग में है. जिनकी नजर हर गतिविधि पर बनी है.
अगर हाल के दिनों में देखे तो झारखंड के गैंगस्टर सोशल मीडिया में एक्टिव है. इंटरनेट का इस्तेमाल रंगदारी मांगने के लिए करते है. विदेश के नंबर से कारोबारी को फोन कर धमकी देते है और फिर पैसे नहीं मिलने पर दहशत के लिए गोली बारी की घटना को भी अंजाम दिया जाता है. सोशल मीडिया और इंटरनेट कॉलिंग का इस्तेमाल खुद ट्रेस होने से बचने के लिए कर रहे है.
लेकिन सीआईडी इसका भी तोड़ निकाल रही है. इनके फोन कॉल के जरिए ही उनतक पहुंच सकती है. सूत्रों की माने तो सीआईडी के पास कई अहम जानकारी गैंगस्टरों की है. जिसके आधार पर केन्द्रीय एजेंसी के साथ समन्वय बना कर विदेश में बैठे गैंगस्टरों की भारत लाने कवायद को तेज करने पर काम कर रही है.
इसमें पाकिस्तान में बैठ कर अपने नेटवर्क को चलाने वाले कुख्यात प्रिंस खान सबसे ऊपर है. प्रिंस खान दुबई से लंबे समय तक गैंग को ओपरेट कर रहा था. इसके बाद जब एजेंसी की दबिश बढ़ी तो यह पाकिस्तान की रुख निकल पड़ा. जहां के बहवालपुर में बैठ कर झारखंड में गैंग ओपरेट करता है. व्हाट्सअप कॉल के जरिए रंगदारी की डिमांड होती है. साथ ही कई वारदात को अंजाम अपने गुर्गों के द्वारा दिलाने का काम करता है.
इसके अलावा अमन साहू गैंग जिसका संचालन राहुल दुबे करता है. राहुल दुबे खुद विदेश में है. लेकिन राज्य के अलग अलग जिलों में गैंगस्टर के गुर्गे एक्टिव दिखते है. कई बड़ी वारदात को अंजाम देकर इलाके में दहशत कायम करने का काम करते है.
इसके साथ ही राहुल सिंह गैंग भी कई वारदात को अंजाम दे चुका है. इसके भी रंगदारी मांगने का स्टाइल अन्य गैंगस्टर के जैसा है. खुद मलेशिया में बैठा है. लेकिन वहां से इसके एक इशारे पर इसके गैंग के शूटर किसी भी वारदात को अंजाम दे देते है.
ऐसे में सभी के अपराध की बढ़ती दास्तान को देखते हुए पुलिस और सीआईडी के साथ साथ केन्द्रीय एजेंसी भी रेस हो गई. जिससे गैंग को पूरी तरह से खत्म किया जा सके. और विदेश में बैठे कुख्यात को भारत लाया जा सके.

