बिग अपडेट : बिरसा मुंडा जेल में ठुमके वाले वायरल वीडियो पर कोर्ट ने पूछा, अब तक जिम्मेदार अधिकारी पर सरकार के क्या कारवाई की


रांची (RANCHI): बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार, होटवार में बंद कैदियों के डांस करते हुए वायरल वीडियो के मामले में दाखिल जनहित याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट ने सुनवाई की. सुनवाई के दौरान अदालत ने जेल प्रशासन और राज्य सरकार के रुख पर कड़ी नाराजगी जताई.
सुनवाई में चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली खंडपीठ सरकार की ओर से दाखिल जवाब से संतुष्ट नहीं दिखी. कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि केवल निचले स्तर के कर्मचारियों, जैसे वार्डर या सहायक जेलर को निलंबित करना पर्याप्त कार्रवाई नहीं मानी जा सकती.
अदालत ने सवाल उठाया कि जेल सुरक्षा में इतनी गंभीर चूक के बावजूद जेल अधीक्षक और जेल महानिरीक्षक की जिम्मेदारी तय क्यों नहीं की गई. कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की, कि यदि जेल परिसर के भीतर मोबाइल फोन और इंटरनेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध थीं, तो यह पूरी सुरक्षा व्यवस्था और न्यायिक प्रणाली के लिए गंभीर खतरा है.
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह दो सप्ताह के भीतर एक पूरक हलफनामा दाखिल करे. इसमें यह स्पष्ट किया जाए कि घटना के समय जेल में लगे मोबाइल जैमर सक्रिय थे या नहीं, सीसीटीवी फुटेज की जांच में किन लोगों की भूमिका सामने आई है और क्या उन बाहरी व्यक्तियों या कर्मचारियों की पहचान हुई है जिन्होंने कैदियों को ये सुविधाएं मुहैया कराईं.
साथ ही कोर्ट ने यह भी जानना चाहा है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जेल प्रशासन ने कौन-सी ठोस और प्रभावी योजना तैयार की है. अदालत ने संकेत दिए हैं कि यदि अगली सुनवाई तक जिम्मेदार बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई और ठोस जवाब सामने नहीं आए, तो मामले की जांच के लिए एक स्वतंत्र उच्चस्तरीय समिति गठित की जा सकती है.
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