हैदराबाद के लिए रवाना हुए विधायक, खरीद-फरोख्त से बचने के लिए किया जा रहा शिफ्ट

    हैदराबाद के लिए रवाना हुए विधायक, खरीद-फरोख्त से बचने के लिए किया जा रहा शिफ्ट
    झारखंड को नया मुख्यमंत्री मिल गया है. मुख्यमंत्री के रूप में चंपई सोरेन की ताजपोशी हो गई है. चंपई सोरेन ने नए मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. इसके अलावा, कांग्रेस कोटे से आलमगीर आलम और राजद कोटे से सत्यानंद भोक्ता ने कैबिनेट मंत्री की शपथ ली है. राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने सभी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई है. नई सरकार को 10 दिन में बहुमत साबित करना होगा. वहीं, सत्तारूढ़ गठबंधन के 39 विधायकों को दो दिन के लिए हैदराबाद शिफ्ट किया जा रहा है. इन विधायकों को चार्टर्ड प्लेन से भेजा रहा है.

    रांची: झारखंड को नया मुख्यमंत्री मिल गया है. मुख्यमंत्री के रूप में चंपई सोरेन की ताजपोशी हो गई है. चंपई सोरेन ने नए मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. इसके अलावा, कांग्रेस कोटे से आलमगीर आलम और राजद कोटे से सत्यानंद भोक्ता ने कैबिनेट मंत्री की शपथ ली है. राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने सभी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई है. नई सरकार को 10 दिन में बहुमत साबित करना होगा. वहीं, सत्तारूढ़ गठबंधन के 39 विधायकों को दो दिन के लिए हैदराबाद शिफ्ट किया जा रहा है. इन विधायकों को चार्टर्ड प्लेन से भेजा रहा है. सभी विधायक एयरपोर्ट पहुंच गए हैं. बस कुछ ही देर में वे हैदराबाद के लिए निकल जाएंगे. बताया जाता है कि खरीद-फरोख्त से बचने के लिए सभी सत्तारुढ़ विधायकों को शिफ्ट किया जा रहा है.

    फ्लोर टेस्ट तक कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है नई सरकार

    सत्तारूढ़ गठबंधन के सभी विधायक सर्किट हाउस रूके थे. मुख्यमंत्री की शपथ के बाद सभी विधायकों को सर्किट हाउस से एयरपोर्ट ले जाया गया. वहां पहले से ही बसें खड़ी थीं. ये विधायक चार्टर्ड प्लेन से हैदराबाद पहुंचेंगे. वहां फ्लोर टेस्ट तक रुकने का प्लान है. जेएमएम गठबंधन को आशंका है कि बीजेपी इन विधायकों को अपने पाले में करने की कोशिश कर सकती है. यही वजह है कि फ्लोर टेस्ट तक नई सरकार कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है. 

    विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन का क्या है गणित?

    झारखंड विधानसभा में कुल सदस्यों की संख्या 81 है, जिसमें से एक सीट रिक्त है. गांडेय विधानसभा सीट से जेएमएम के विधायक ने इस्तीफा दे दिया था. यानी कुल 80 में से 48 विधायक इंडिया ब्लॉक के हैं. जेएमएम से 29, कांग्रेस से 17 विधायक हैं. आरजेडी-सीपीएम के पास एक-एक सीटें हैं. लेकिन चंपई सोरेन ने राज्यपाल को विधायकों के समर्थन का जो पत्र सौंपा है, उस पर 43 विधायकों के ही हस्ताक्षर हैं. विपक्ष की बात करें तो बीजेपी, जेएमएम से ज्यादा पीछे नहीं है. बीजेपी 26 विधायकों के साथ विधानसभा में दूसरी बड़ी पार्टी है. आजसू के तीन, एनसीपी (अजित पवार गुट) के एक और दो निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी बीजेपी के साथ है. सत्तारूढ़ गठबंधन को 47 विधायकों का समर्थन है, ऐसे में बहुमत की कोई समस्या नहीं है.

    ईडी ने हेमंत सोरेन को किया अरेस्ट

    झारखंड में नए सीएम की कवायद तब शुरू हुई, जब कथित जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हेमंत सोरेन को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया. हेमंत ने पहले राजभवन जाकर सीएम पद से इस्तीफा दिया, उसके बाद ईडी के गिरफ्तार करने वाले मैमो पर साइन किए. हेमंत के ईडी कस्टडी में जाने पर झारखंड मुक्ति मोर्चा और गठबंधन में शामिल दलों ने चंपई सोरेन को विधायक दल के नेता के रूप में चुना था. इस बीच, हेमंत सोरेन को सुप्रीम कोर्ट में झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें हाईकोर्ट जाने के लिए कहा है.

     रिपोर्ट: संजीव ठाकुर 


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