अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में बड़ा विस्तार: जल्द होगी 1076 भर्तियां, हर प्रखंड में होगी पदाधिकारी की तैनाती


पटना (PATNA): राज्य सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मंत्री जमा खान ने प्रेस वार्ता में घोषणा की कि इस वर्ष प्रत्येक प्रखंड में एक-एक प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी की तैनाती की जाएगी. साथ ही विभाग में कुल 1076 पदों पर नई बहाली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
मंत्री ने बताया कि विभिन्न पदों के लिए अधियाचनाएं बीपीएससी और बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) को भेज दी गई हैं. जिन पदों पर बहाली होनी है, उनमें 6 जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी, 487 प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी, 8 निम्नवर्गीय लिपिक (मुख्यालय/निदेशालय), 14 निम्नवर्गीय लिपिक (क्षेत्रीय संवर्ग), 524 निम्नवर्गीय लिपिक (समाहरणालय संवर्ग) और 37 छात्रावास प्रबंधक शामिल हैं.
हर जिले में आवासीय विद्यालय की योजना
मंत्री ने बताया कि कक्षा 9 से 12 तक के 22 अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों का निर्माण विभिन्न जिलों में कराया जा रहा है. फिलहाल दरभंगा और किशनगंज में दो विद्यालय संचालित हैं. अप्रैल तक कटिहार, जमुई, कैमूर, नालंदा और मुजफ्फरपुर में पांच और विद्यालय शुरू हो जाएंगे, जिससे कुल संख्या 7 हो जाएगी. सरकार की योजना प्रत्येक जिले में ऐसे विद्यालय स्थापित करने की है.
स्मार्ट मदरसे और रोजगार उन्मुख शिक्षा
राज्य के 75 मदरसों में स्मार्ट क्लास की शुरुआत हो चुकी है और जल्द ही सभी मदरसों में यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. इसके अलावा 9 अनुदानित मदरसों और मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय में कुल 10 व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जहां तकनीकी कोर्स भी संचालित होंगे.
सामाजिक सुरक्षा और वक्फ भूमि
तलाकशुदा महिलाओं के लिए 25 हजार रुपये की सहायता योजना लागू है. 9 हजार से अधिक कब्रिस्तानों की घेराबंदी की जा चुकी है. साथ ही वक्फ बोर्ड की जमीनों की पहचान कर उन्हें अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रक्रिया जारी है.
20 वर्षों में बजट में ऐतिहासिक वृद्धि
विभागीय सचिव मो. सोहेल ने बताया कि वर्ष 2005-06 में विभाग का बजट 3.53 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 728 करोड़ रुपये हो गया. वित्तीय वर्ष 2025-26 में बजट बढ़कर 1041 करोड़ रुपये पहुंच गया है. अब तक 77 प्रतिशत राशि खर्च की जा चुकी है और वर्ष समाप्ति तक पूर्ण व्यय की संभावना है.
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