झारखंड में बड़ा फैसला: आवास बोर्ड कॉलोनियों में व्यवसाय पर पूरी तरह बैन

    सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद झारखंड सरकार रेस हो गई है, अब आवास बोर्ड की कॉलोनियों में रहने वाले लोगों किसी भी तरह का व्यवसाय नहीं कर पाएंगे . इस फैसले के लागू होने से वहां दुकान या अन्य व्यापार चला रहे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

    झारखंड में बड़ा फैसला: आवास बोर्ड कॉलोनियों में व्यवसाय पर पूरी तरह बैन

    रांची (RANCHI): सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद झारखंड सरकार रेस हो गई है, अब आवास बोर्ड की कॉलोनियों में रहने वाले लोगों किसी भी तरह का व्यवसाय नहीं कर पाएंगे . इस फैसले के लागू होने से वहां दुकान या अन्य व्यापार चला रहे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

    इस संबंध में झारखंड राज्य आवास बोर्ड ने 13 नवंबर 2025 को नगर निगम को पत्र लिखकर निर्देश देने का अनुरोध किया था. पत्र में कहा गया था कि बोर्ड की जमीन या भवन पर किसी भी तरह के व्यवसाय के लिए नए ट्रेड लाइसेंस जारी न किए जाएं. साथ ही, पहले से जारी लाइसेंसों को भी रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाए.

    इसके बाद रांची नगर निगम ने इस पर कार्रवाई करते हुए 20 नवंबर 2025 को आधिकारिक आदेश जारी कर दिया. आदेश के अनुसार, आवास बोर्ड की जमीन या भवन पर चल रहे सभी व्यवसायों के ट्रेड लाइसेंस कानून के तहत निरस्त किए जाएंगे और भविष्य में किसी भी नए लाइसेंस की अनुमति नहीं दी जाएगी.

    इस फैसले का सबसे ज्यादा प्रभाव रांची के हरमू, अरगोड़ा और बरियातु जैसे इलाकों में देखने को मिलेगा, जहां बड़ी संख्या में आवास बोर्ड की कॉलोनियां स्थित हैं. इन क्षेत्रों में लंबे समय से कई दुकानें और छोटे-बड़े व्यवसाय संचालित हो रहे थे, जिन्हें अब बंद करना होगा.

    इस निर्णय ने खास तौर पर इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि इसका असर क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी के आवास पर भी पड़ रहा है, हरमू स्थित उनके घर में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा एक प्रतिष्ठान संचालित किया जा रहा है, जो अब इस आदेश के दायरे में आ गया है. इस कदम से जहां नियमों के पालन को सख्ती से लागू करने की कोशिश की जा रही है, वहीं इससे जुड़े लोगों और छोटे व्यापारियों के सामने नई चुनौतियां भी खड़ी हो गई हैं.


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