रांची(RANCHI): झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता मिली है. रांची पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के शीर्ष कमांडर और 10 लाख रुपये के इनामी नक्सली अमृत होरो को गिरफ्तार कर लिया है. यह कार्रवाई रांची जिले के लापुंग क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर की गई.
पुलिस को सूचना मिली थी कि अमृत होरो इलाके में छिपा हुआ है और किसी सुरक्षित ठिकाने पर अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहा है. सूचना मिलते ही रांची पुलिस ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया और पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया. इलाके की घेराबंदी कर देर रात उसे दबोच लिया गया.
गिरफ्तारी के बाद अमृत होरो से लगातार पूछताछ की जा रही है. पुलिस उससे संगठन के नेटवर्क, उसके सहयोगियों, वित्तीय स्रोतों और छिपे हुए ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है. अधिकारियों का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी से पीएलएफआई के कई सक्रिय मॉड्यूल्स का खुलासा हो सकता है.
अमृत होरो लंबे समय से इस उग्रवादी संगठन का सबसे प्रभावशाली चेहरा माना जाता रहा है. उसके खिलाफ रांची, खूंटी और आसपास के कई जिलों में रंगदारी, आगजनी, धमकी और उग्रवादी गतिविधियों से जुड़े गंभीर मामले दर्ज हैं. वह ठेकेदारों, निर्माण कंपनियों और रेलवे परियोजनाओं को धमकाकर भारी रकम की वसूली करने में शामिल रहा है.
इसके अलावा कई बार उस पर सरकारी योजनाओं में काम कर रही एजेंसियों को डराने-धमकाने के आरोप भी लगे हैं. पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि लगभग डेढ़ साल पहले भी उसकी सुरक्षा बलों से मुठभेड़ हुई थी, जिसमें वह घिर गया था लेकिन जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा था. तब से ही सुरक्षा एजेंसियां उसकी लगातार तलाश में जुटी हुई थीं. आखिरकार, लंबे अभियान के बाद पुलिस ने उसे पकड़ने में सफलता हासिल की, जिसे नक्सल विरोधी रणनीति की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.

