हजारीबाग (HAZARIBAGH): जिले के कटकमदाग प्रखंड में सरकारी संपत्ति की लूट का एक गंभीर मामला सामने आया है. बेस पंचायत स्थित ‘ललकी पोखर’ को भू-माफियाओं ने भारी मशीनों के जरिए रातों-रात मिट्टी से भरकर मैदान बना दिया. बता दें, ग्रामीणों ने इस अवैध कार्य की सूचना प्रशासन को पहले दे दी थी. लेकिन अधिकारियों द्वारा कुछ न किए जाने के चलते माफियाओं के हौसले बुलंद रहे. और देखते ही देखते मात्र तीन दिनों के भीतर एक विशाल सरकारी तालाब को पूरी तरह मैदान में तब्दील कर दिया गया.
इस पूरे प्रकरण के पीछे क्षेत्र में बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों को मुख्य कारण माना जा रहा है. एनटीपीसी जैसी बड़ी कंपनियों के आगमन से यहाँ जमीनों की कीमतें आसमान छू रही हैं. भू-माफियाओं का एक संगठित सिंडिकेट सरकारी जमीन, नदी-नालों और तालाबों को निशाना बना रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि राजस्व विभाग के कुछ भ्रष्ट कर्मचारियों की मिलीभगत से यह खेल चल रहा है. बता दें, इससे पहले भी करीब 40 एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जे की कोशिश की गई थी.
बताते चले कि मामला सुर्खियों में आने के बाद उपायुक्त ने कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं. इस घोटाले की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है. इसमें सदर एसडीओ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है. यह टीम तालाब के अतिक्रमण के साथ-साथ अन्य विवादित भूखंडों की जमाबंदी की भी गहराई से जांच करेगी. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों और लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. सरकारी संपत्ति की रक्षा के लिए अब कड़े कदम उठाए जा रहे हैं.

