झारखंड वाच नरेगा ने विबी-जीरामजी के विरोध में किया आंदोलन का ऐलान,रांची में होगा मजदूरों का जुटान


रांची(RANCHI):देश में मानरेगा का नाम बदलने के साथ ही विवाद शुरू हो गया. एक तरफ राजनीतिक दल सड़क से सदन तक केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध कर रहा है. तो अब मजबूर से जुड़े कई संगठन भी विबि-जीरामजी का विरोध करने हुए आंदोलन का ऐलान कर दिया. रांची में झारखंड वाच नरेगा ने मानरेगा दिवस यानि 2 फरवरी को राजधानी में मजदूरों के जुटान का ऐलान कर दिया. झारखंड वाच नरेगा के पदाधिकारियों ने प्रेस वार्ता कर मानरेगा का समर्थन किया और विबी-जीरामजी का विरोध करने का निर्णय लिया है.
प्रेस वार्ता में झारखंड वाच नरेगा के अधिकारियों ने कहा कि देश में जब भी आर्थिक तंगी आई. या फिर किसी तरह की आपदा आई है वैसे समय में मानरेगा ही मजदूरों का सहारा बना है. हाल के दिनों में जब कोरोना काल में पूरी दुनिया तबाह हो गई. हर किसी का काम छूटा. लेकिन भारत में जब मजदूर बड़े शहरों से गाँव लौटे तो उन्हे मजदूर कार्ड के जरीय स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सका. जिससे जीवन और जीविका दोनों बची थी.
देश में 26 करोड़ मजदूर है. जिन्हे मानरेगा के तहत काम मिलता है. लेकिन केंद्र की सरकार सत्ता के नशे में चूर हो कर 26 करोड़ मजदूरों की हत्या करने को तैयार है. बहुमत के घमंड में चूर होकर मजदूरों के गला घोंटने वाला निर्णय लिया है. उन्होंने कहा कि इस बिल को इतनी जल्दबाजी में पास किया गया. जिसकी उम्मीद भी किसी को नह थी. विकसित भारत– गारंटी फॉर रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण), यानी VB-GRAMG अधिनियम, 16 दिसंबर 2025 को लोकसभा में पेश किया गया और मात्र दो दिनों के भीतर संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा से पारित कर दिया गया. इस अधिनियम के जरिए मनरेगा को समाप्त कर केंद्र सरकार के नियंत्रण वाली एक नई केंद्रीय योजना लागू की गई है.
केंद्र सरकार द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि VB-GRAMG, मनरेगा से बेहतर है, जबकि वास्तविकता यह है कि यह रोजगार गारंटी के अधिकार पर सीधा हमला करता है. नरेगा वॉच इस अधिनियम का कड़ा विरोध करता है और मनरेगा की तत्काल बहाली की मांग करता है.
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