झारखंड मुक्ति मोर्चा की दो दिनों की आपातकालीन बैठक! किसके खिलाफ जंग का ऐलान

    झारखंड मुक्ति मोर्चा की दो दिनों की आपातकालीन बैठक! किसके खिलाफ जंग का ऐलान

    रांची (RANCHI): झारखंड मुक्ति मोर्चा की दो दिवसीय बड़ी बैठक मुख्यमंत्री आवास में हुई, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता और जिला कमेटी के पदाधिकारी शामिल हुए. ऐसे में अब बैठक के बाद चर्चा है कि आखिर अंदरखाने क्या कुछ तय हुआ और अचानक यह बैठक क्यों बुलानी पड़ी. इसका इशारा क्या है? राज्य की मौजूदा राजनीतिक हालत को देखते हुए क्या पार्टी पहले से तैयारी कर रही है, या फिर महज यह एक सामान्य बैठक थी. 

    दरअसल, झारखंड मुक्ति मोर्चा और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बैठक के बाद जानकारी दी, जिसमें बताया गया कि SIR और जनगणना को लेकर बैठक की गई है. इसमें कहा गया कि झामुमो का हर कार्यकर्ता सिपाही की तरह काम करेगा. एक भी व्यक्ति का नाम SIR में न कटे, इसका ख्याल रखा जाएगा. साथ ही जनगणना में सभी की एंट्री सुनिश्चित हो, इसका ध्यान बूथ स्तर तक पार्टी के पदाधिकारी करेंगे. हर घर का सत्यापन किया जाएगा. लेकिन दूसरा पोस्ट भी झारखंड मुक्ति मोर्चा ने किया है, जिसमें लिखा है कि हर जंग और संघर्ष के लिए तैयार है. 

    ऐसे में अब साफ है कि जिस तरह के हालात बंगाल और बिहार में SIR के समय देखे गए, वैसे हालात झारखंड में न बनें, इसे लेकर पार्टी अपने स्तर से काम करेगी. साथ ही अगर किसी का नाम कटता है, तो उनके नाम जोड़ने और सत्यापन की प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने पर जोर दिया जाएगा, जिससे जब 2029 में चुनाव हो तो कोई भी मतदाता इससे छूट न जाए. सभी अपने वोट का इस्तेमाल कर सकें. फिलहाल पार्टी के पास चुनाव से पहले काफी लंबा समय है, जिसका वह बड़े ही सहज तरीके से इस्तेमाल करेगी. 

    अब दूसरी ओर जनगणना पर भी चर्चा की गई है. करीब 16 साल के बाद देश में जनगणना का कार्य किया जा रहा है, जिससे देश की आबादी कितनी बढ़ी है, यह साफ हो पाएगा. साथ ही कौन कितनी आबादी में है, जिसके आधार पर केंद्र और राज्य सरकार आने वाले दिनों की विकास योजनाएं बनाएंगी. इसका खास ख्याल रखा गया है. जनगणना के बाद यह भी साफ होगा कि झारखंड में आदिवासियों की आबादी पहले के मुकाबले कितनी है. कितनी आबादी के पास मूलभूत सुविधाएं हैं या नहीं. ऐसे में झारखंड मुक्ति मोर्चा यह सुनिश्चित करना चाहती है कि जनगणना में हर किसी की जानकारी जुड़ जाए और कोई भी छूट न पाए.

    रिपोर्ट : समीर हुसैन 



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