झारखंड में निकाय प्रत्याशियों के लिए गाइड लाइन जारी, इतने डेसीबल पर ही बजेगा बॉक्स  

    झारखंड में निकाय प्रत्याशियों के लिए गाइड लाइन जारी,इतने डेसीबल पर ही बजेगा बॉक्स  | Jharkhand issues guidelines for civic body candidates, box office to be played at this decibel level

    रांची(RANCHI): झारखंड में निकाय चुनाव और मैट्रिक इंटर की परीक्षा को देखते हुए हाई कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है. चुनाव प्रचार के दौरान तेज आवाज में साउन्ड बजाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. हाई कोर्ट के आदेश का पालन कराने के लिए रांची जिला प्रशासन ने गाइड लाइंस जारी की है. जिसमें तय डेसीबल से अधिक पर प्रचार करने वालों की गाड़ी जब्त कर लिया जाएगा.

    बता दे कि  झारखंड उच्च न्यायलय के आदेश पर रांची जिला प्रशासन ने ध्वनि प्रदूषण के मानकों को सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है. जिसमें ध्वनि प्रदूषण के मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए  जिला प्रशासन द्वारा कड़े निर्देश जारी – विशेष रूप से सीबीएसई और आईसीएसई परीक्षा और एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा संचालित बोर्ड परीक्षाएँ 2026 मद्देनजर तय डेसिबल सीमा से अधिक ध्वनि पाए जाने पर चुनाव प्रचार से संबंधित वाहनों/प्रत्याशियों/रेस्टोरेंट संचालको/आयोजकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी.  

    उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, राँची मंजूनाथ भजन्त्री ने अनुमंडल पदाधिकारी सदर, राँची कुमार रजत को ध्वनि प्रदूषण के सभी निर्धारित मानकों का पूर्ण पालन कराने हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए तय डेसिबल सीमा से अधिक ध्वनि पाए जाने पर संबंधित वाहनों/प्रत्याशियों/संगठनों/आयोजकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध ध्वनि प्रदूषण नियमों के अंतर्गत तथा अन्य संबंधित धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.   

    वर्तमान में झारखंड सीबीएसई और आईसीएसई परीक्षा एवं एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा संचालित बोर्ड परीक्षाएँ 2026  चल रही हैं. जिसमें कक्षा 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाएँ फरवरी 2026 में एवं कक्षा 8वीं, 9वीं एवं 11वीं की परीक्षाएँ फरवरी अंतिम सप्ताह से मार्च प्रथम सप्ताह तक निर्धारित हैं. नगर निगम चुनाव के प्रत्याशी, बार/रेस्टोरेंट तथा अन्य आयोजक छोटे-बड़े वाहनों पर लगे लाउडस्पीकरों, डीजे या पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से प्रचार-प्रसार या संगीत चला रहे हैं. यह देखा जा रहा है कि कई मामलों में ध्वनि स्तर निर्धारित डेसिबल सीमा से अधिक हो रहा है. 

    इसके अतिरिक्त, शहर के विभिन्न स्थानों एवं निर्धारित प्रतिबंधित क्षेत्र, बार,ओपन रेस्टोरेंट तथा अन्य सार्वजनिक/निजी स्थानों पर देर रात तक निर्धारित समय से अधिक ध्वनि प्रदूषण किया जा रहा है, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है. उनपर भी जिला प्रशासन द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाएगी. 

    ध्वनि प्रदूषण के प्रमुख निर्धारित मानक (Noise Pollution Rules, 2000 के अनुसार):

    - आवासीय क्षेत्र — दिन में 55 dB(A), रात में 45 dB(A)

    - वाणिज्यिक क्षेत्र — दिन में 65 dB(A), रात में 55 dB(A) 

    - लाउडस्पीकर/पब्लिक एड्रेस सिस्टम — रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक बिना लिखित अनुमति के पूर्णतः प्रतिबंधित. 

    - किसी भी सार्वजनिक स्थान पर लाउडस्पीकर से ध्वनि सीमा ambient standard से 10 dB(A) अधिक नहीं होनी चाहिए (या अधिकतम 75 dB(A) तक, जो भी कम हो). निजी स्थान पर भी peripheral noise 5 dB(A) से अधिक नहीं बढ़ सकती. 

    झारखंड उच्च न्यायालय ने राँची सहित पूरे राज्य में ध्वनि प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए कई बार सख्त निर्देश दिए हैं, जिसमें लाउडस्पीकर/डीजे पर रात्रि प्रतिबंध, अनुमति की अनिवार्यता तथा उल्लंघन पर त्वरित कार्रवाई शामिल है. 

     



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