सरायकेला (SARAIKELA): सरायकेला के आदित्यपुर स्थित नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में “मेड-माइंड बैलेंस 2026” नाम से एक खास शैक्षणिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया.इस कार्यक्रम का मकसद मेडिकल छात्रों में बढ़ते मानसिक तनाव और चिंता को समझना और उससे निपटने के तरीके बताना था. कार्यक्रम कॉलेज के शैक्षणिक सेल और मनोरोग विभाग के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया गया.आज के समय में मेडिकल पढ़ाई के दौरान छात्रों पर काफी दबाव रहता है, जिसे देखते हुए इस तरह के आयोजन की जरूरत महसूस की गई.

छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही जरूरी
कार्यक्रम में संस्थान के अध्यक्ष मदन मोहन सिंह ने कहा कि पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन के साथ-साथ छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही जरूरी है उन्होंने कहा कि कॉलेज का माहौल ऐसा होना चाहिए, जहां छात्र खुलकर अपनी समस्याएं साझा कर सकें और उन्हें सही मदद मिल सके.इस मौके पर टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) के मनोरोग विभाग के प्रमुख प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार साहू मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए उन्होंने छात्रों को बताया कि तनाव और चिंता के शुरुआती संकेत क्या होते है और उनसे कैसे निपटा जा सकता है साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर पेशेवर मदद लेने में हिचकिचाना नहीं चाहिए.
छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर लगातार ध्यान देने की जरूरत
कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि मेडिकल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर लगातार ध्यान देने की जरूरत है. इसके लिए जागरूकता, बातचीत और संस्थान स्तर पर ठोस कदम उठाना बेहद जरूरी है.इस संगोष्ठी में शामिल छात्रों और शिक्षकों ने इस पहल की सराहना की और ऐसे कार्यक्रमों को आगे भी जारी रखने की बात कही.

