टीएनपी डेस्क (TNP DESK): झारखंड के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है. अब गलत बिजली बिल, अनुमानित रीडिंग और मीटर रीडर का इंतजार जैसी परेशानियों से छुटकारा मिलने वाला है. राज्य में बिजली वितरण व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) तेजी से स्मार्ट मीटर लगाने का काम कर रहा है.
यह स्मार्ट मीटर पारंपरिक मीटर से बिल्कुल अलग है. यह पूरी तरह डिजिटल तकनीक पर आधारित है, जो अपने आप सटीक बिजली खपत रिकॉर्ड करता है. उपभोक्ता मोबाइल ऐप के जरिए कभी भी और कहीं से भी अपने घर की बिजली खपत की निगरानी कर सकते हैं. इससे यह समझना आसान हो जाता है कि कहां बिजली ज्यादा खर्च हो रही है और कैसे इसे कम किया जा सकता है.
स्मार्ट मीटर की सबसे बड़ी खासियत इसका प्रीपेड सिस्टम है. जिस तरह लोग मोबाइल रिचार्ज करते हैं, उसी तरह अब बिजली भी पहले रिचार्ज करनी होगी. इस सुविधा को अपनाने पर उपभोक्ताओं को कुल बिल में 3 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी. इतना ही नहीं, पहले जमा की गई सिक्योरिटी राशि को शुरुआती रिचार्ज में समायोजित कर दिया जाएगा.
हालांकि, जो उपभोक्ता पुराने तरीके से बिल भुगतान करना चाहते हैं, उनके लिए पोस्टपेड विकल्प भी उपलब्ध रहेगा. इसके अलावा, अगर कोई उपभोक्ता सोलर पैनल लगाता है, तो उसे अलग से मीटर बदलवाने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि यह स्मार्ट मीटर नेट मीटरिंग को भी सपोर्ट करता है. बिजली बिल अब पहले से ज्यादा पारदर्शी होगा. बिल बनते ही इसकी जानकारी उपभोक्ताओं के मोबाइल और व्हाट्सऐप पर भेज दी जाएगी. इससे समय पर बिल भुगतान करना और खर्च का हिसाब रखना आसान हो जाएगा. अगर किसी उपभोक्ता को मीटर की कार्यप्रणाली पर संदेह होता है, तो वह शिकायत दर्ज कर सकता है. निगम की ओर से एक स्वतंत्र टीम मौके पर जाकर मीटर की जांच करेगी और यदि कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो उसे तुरंत बदल दिया जाएगा.
किसी भी प्रकार की जानकारी या शिकायत के लिए उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर 1912 या 1800-345-6570 पर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा व्हाट्सऐप और अन्य मोबाइल नंबरों के जरिए भी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. स्मार्ट मीटर योजना से उम्मीद की जा रही है कि बिजली उपभोक्ताओं को पारदर्शिता, सुविधा और बचत तीनों का लाभ एक साथ मिलेगा.


