रांची: झारखंड की राजनीति में एक बार फिर मुख्यमंत्री आवास को लेकर बहस तेज हो गई है. राज्य के भवन निर्माण विभाग (Building Construction Department) द्वारा जारी एक ई-प्रोक्योरमेंट नोटिस के अनुसार, रांची के कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास के निर्माण के लिए करीब 67 करोड़ रुपये की योजना प्रस्तावित की गई है. टेंडर जारी होने के बाद अब इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है.
टेंडर दस्तावेज के मुताबिक, “माननीय मुख्यमंत्री के आवास” के निर्माण के लिए ₹67,04,36,000 की लागत तय की गई है और इसे 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. यह परियोजना भवन निर्माण विभाग, बिल्डिंग डिवीजन नंबर-1, रांची द्वारा संचालित की जाएगी. टेंडर की प्रक्रिया 2 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 29 अप्रैल तक चलेगी, जबकि 30 अप्रैल को बोली खोली जाएगी.
इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता प्रतुल शहदेव ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए इसे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास विवाद से जोड़ दिया. उन्होंने पूछा कि क्या झारखंड में भी जनता के पैसे से “आलीशान महल” बनाया जा रहा है?
बीजेपी का आरोप है कि जब राज्य में विकास और बुनियादी सुविधाओं की जरूरत है, तब इतनी बड़ी राशि मुख्यमंत्री आवास पर खर्च करना उचित नहीं है. वहीं, सत्ताधारी पक्ष की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
हालांकि, सरकारी स्तर पर इसे एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बताया जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री आवास के निर्माण या उन्नयन से जुड़ी परियोजनाएं समय-समय पर जरूरत के हिसाब से लाई जाती हैं.
फिलहाल यह मुद्दा राजनीतिक रंग ले चुका है और आने वाले दिनों में इस पर और बयानबाजी देखने को मिल सकती है.
Thenewspost - Jharkhand
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