दुमका (DUMKA): उपराजधानी दुमका के शिकारिपाड़ा प्रखण्ड में ग्रामीण कोल ब्लॉक के विरोध में गोलबंद बंद हो गए. इस दौरान स्थल निरीक्षण करने पहुंचे कर्मियों को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया. जिसके बाद देर रात तक जमकर हंगामा हुआ. घटना की सूचना मिलने के बाद जिले के सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों के चंगुल से कर्मियों को मुक्त कराया. सभी हरियाणा पवार कंपनी से जुड़े कर्मी बताए जा रहे है.
बताया जा रहा है कि हरियाणा की कंपनी को कोल ब्लॉक आवंटित हुआ है. जिसमें सभी कर्मी ड्रिल करने पहुंचे थे. इस दौरान ग्रामीणों की भीड़ स्थल पर पहुंच गई. देखते ही देखते पूरा गाँव जमा हो गया. और कर्मियों का विरोध करने लगे. इस दौरान ग्रामीण इस बात पर अड़ गए की आखिर बिना ग्राम सभा के अनुमति के काम कैसे शुरू किया गया. जबकि यह अनुसूचित जनजाती का इलाका है.
कर्मियों को बंधक बनाने की सूचना अंचलाधिकारी और शिकारिपाड़ा पुलिस को मिली. जिसके बाद वह स्थल पहुंचे लेकिन ग्रामीण आक्रोशित दिखे जिसके बाद मुख्यालय से SDM कौशल किशोर और SDPO विजय कुमार महतो पहुंच कर ग्रामीणों ने बात किया. जिसके बाद सभी को ग्रामीणों से मुक्त कराया गया.
इस दौरान कर्मियों को छोड़ने के दौरान ग्रामीणों ने शर्त रखी है कि किसी भी कीमत पर बिना ग्राम सभा के अनुमति के काम शुरू नहीं करने दिया जाएगा. इसके लिए जरूरत पड़ी तो आगे बड़े आंदोलन करने को बाध्य होंगे. लेकिन ऐसे बिना अनुमति अपने जमीन पर खनन का काम शुरू नहीं होने देंगे.
बता दे कि 20 फरवरी 2024 में भी शिकारिपाड़ा के लटकांदर में ग्रामीणों ने कोल ब्लॉक का निरीक्षण करने पहुंचे एक महिला प्रशिक्षु प्रांजल ढाढा और कई सरकारी कर्मचारियों को बंधक बना लिया था, जहां कड़ी मशक्कत के बाद सभी को ग्रामीणों ने रिहा कराया था.
Thenewspost - Jharkhand
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