धनबाद की बदलती राजनीति : निरसा विधायक को घर में ही घेरने की सांसद ने कैसे तैयार की योजना, जानिए

    धनबाद की बदलती राजनीति : निरसा विधायक को घर में ही घेरने की सांसद ने कैसे तैयार की योजना, जानिए

    धनबाद (DHANBAD): धनबाद में नगर निगम चुनाव के बाद राजनीति तेजी से बदल रही है. सांसद हो या विधायक अथवा मेयर या सिंह मेंशन, एक दूसरे के क्षेत्र में घुसपैठ की लगातार कोशिश हो रही है. इसकी प्रतिक्रिया भी हो रही है. एक तरह से कहा जाए तो धनबाद में एक नई राजनीति की जमीन पूरी तरह से तैयार हो रही है. निरसा के माले विधायक अरूप चटर्जी ने सांसद ढुल्लू महतो के खिलाफ बयानबाजी शुरू की, तो सांसद ढुल्लू महतो ने निरसा विधायक को उन्हीं के घर में राजनीतिक मात देने के लिए एक नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया है. माध्यम बने हैं निरसा क्षेत्र के कद्दावर नेता अशोक मंडल, अशोक मंडल एटक से संबंध यूनाइटेड कॉल वर्कर्स यूनियन में शामिल होंगे.  

    अशोक मंडल की पीठ पर सांसद का हाथ

    अशोक मंडल एक समय भाजपा के जिला अध्यक्ष थे. बाद में वह झामुमो में चले गए. पिछले विधानसभा चुनाव में वह जेएलकेएम के उम्मीदवार के रूप में निरसा विधानसभा का चुनाव लड़ा, लेकिन जीत नहीं सके. अब सांसद ढुल्लू महतो का दामन थाम कर वह निरसा में नई राजनीति की शुरुआत करने जा रहे है. हो सकता है कि वह आगे चलकर भाजपा में भी शामिल हो जाएँ. दरअसल, निगम चुनाव परिणाम के बाद धनबाद की राजनीति तेजी से बदली है. भाजपा में भी अंदरखाने  विवाद बढ़ा है, तो सांसद ढुल्लू महतो अपने समर्थकों की संख्या बढ़ाने की लगातार कोशिश कर रहे हैं. निरसा क्षेत्र में अशोक मंडल के बहाने सक्रियता बढ़ाने के पीछे उनकी मनसा रही होगी कि एक तो विधायक अरूप  चटर्जी को चुनौती दी जाए, दूसरा निरसा  इलाके में उनकी ताकत बढ़े, आगे क्या होगा, यह तो देखने वाली बात होगी, लेकिन इतना तो तय है कि धनबाद की राजनीति बहुत तेजी से बदल रही है. 

    निगम चुनाव के बाद भाजपा में भी दिख रही गुटबाजी

    निगम चुनाव के बाद भाजपा  में भी गुटबाजी दिख रही है. भाजपा के धनबाद से फिलहाल तीन विधायक हैं.  राज सिन्हा, रागिनी सिंह और शत्रुघ्न महतो. फिलहाल जो भाजपा की राजनीति चल रही है, उसके अनुसार राज सिन्हा और रागिनी सिंह सांसद गुट से अलग दिख रहे हैं. ऐसे में ढुल्लू महतो पुराने नेताओं को अपने साथ जोड़कर अपनी राजनीतिक पहुंच को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं. निगम चुनाव में बागी बनकर उतरे भाजपा के पूर्व विधायक संजीव सिंह चुनाव जीत गए थे और उसके बाद सांसद ढुल्लू महतो और मेयर संजीव सिंह में राजनीतिक तनातनी भी शुरू हो गई. सिंह मेंशन बाघमारा विधानसभा क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है तो ढुलू महतो भी अब अपने समर्थकों की संख्या बढ़ाकर अपनी उपस्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे है.



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