TNP DESK : 4 अप्रैल 1975 का दिन तकनीकी इतिहास में एक मील का पत्थर माना जाता है. इसी दिन Microsoft की स्थापना दो युवा और दूरदर्शी उद्यमियों Bill Gates और Paul Allen ने की थी. उस समय शायद ही किसी ने कल्पना की होगी कि यह छोटी-सी पहल आने वाले समय में पूरी दुनिया के डिजिटल स्वरूप को बदल देगी.
शुरुआत अमेरिका के न्यू मैक्सिको राज्य के अल्बुकर्क शहर
माइक्रोसॉफ्ट की शुरुआत अमेरिका के न्यू मैक्सिको राज्य के अल्बुकर्क शहर में हुई थी. कंपनी का पहला उद्देश्य था पर्सनल कंप्यूटर के लिए सॉफ्टवेयर विकसित करना. उस दौर में कंप्यूटर बहुत बड़े और महंगे हुआ करते थे. जिनका उपयोग मुख्यतः कंपनियों और सरकारी संस्थानों तक सीमित था. लेकिन बिल गेट्स और पॉल एलन ने यह सपना देखा कि एक दिन हर घर में कंप्यूटर होगा और उसी दिशा में उन्होंने काम शुरू किया.
Altair BASIC प्रोजेक्ट ने शुरुआती पहचान दिलाई
कंपनी का पहला प्रमुख प्रोजेक्ट Altair BASIC था जो उस समय के लोकप्रिय माइक्रो कंप्यूटर Altair 8800 के लिए विकसित किया गया था. यह प्रोग्रामिंग भाषा इंटरप्रेटर उपयोगकर्ताओं को कंप्यूटर को अधिक आसानी से संचालित करने की सुविधा देता था. इसी प्रोजेक्ट ने माइक्रोसॉफ्ट को शुरुआती पहचान दिलाई.
माइक्रोसॉफ्ट ने पीछे मुड़कर नहीं देखा
इसके बाद माइक्रोसॉफ्ट ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. 1980 के दशक में कंपनी ने MS-DOS लॉन्च किया जिसने पर्सनल कंप्यूटर के क्षेत्र में क्रांति ला दी. इसके बाद 1985 में Microsoft Windows का आगमन हुआ जिसने कंप्यूटर उपयोग को और अधिक सरल और आम लोगों के लिए सुलभ बना दिया. विंडोज़ ऑपरेटिंग सिस्टम ने माइक्रोसॉफ्ट को वैश्विक स्तर पर एक अग्रणी तकनीकी कंपनी बना दिया.
माइक्रोसॉफ्ट के उत्पादों में केवल ऑपरेटिंग सिस्टम ही नहीं बल्कि Microsoft Office जैसे सॉफ्टवेयर भी शामिल हैं जो आज भी दुनिया भर के कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में व्यापक रूप से उपयोग किए जाते हैं. इसके अलावा कंपनी ने क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और गेमिंग के क्षेत्र में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है.
डिजिटल दुनिया को नई दिशा दे रही है.
आज माइक्रोसॉफ्ट दुनिया की सबसे बड़ी और प्रभावशाली तकनीकी कंपनियों में से एक है. इसके वर्तमान सीईओ Satya Nadella के नेतृत्व में कंपनी लगातार नए-नए इनोवेशन कर रही है और डिजिटल दुनिया को नई दिशा दे रही है.
दृढ़ संकल्प से दुनिया को बदला जा सकता है.
1975 में शुरू हुई यह यात्रा आज अरबों डॉलर के साम्राज्य में बदल चुकी है. माइक्रोसॉफ्ट की स्थापना ने न केवल तकनीकी क्षेत्र में क्रांति लाई, बल्कि यह भी साबित किया कि सही सोच नवाचार और दृढ़ संकल्प से दुनिया को बदला जा सकता है.
Thenewspost - Jharkhand
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