60: 40 के विरोध में कल से छात्रों का 72 घंटे के आन्दोलन की शुरुआत, सीएम आवास का भी होगा घेराव, देखिये यह रिपोर्ट

    60: 40 के विरोध में कल से छात्रों का 72 घंटे के आन्दोलन की शुरुआत, सीएम आवास का भी होगा घेराव, देखिये यह रिपोर्ट

    Ranchi- 60:40 के फार्मूले वाली नियोजन नीति के खिलाफ झारखंड स्टेट स्टूडेंट्स यूनियन के बैनर तले कल सीएम आवास का घेराव करने की घोषणा की गयी है. हालांकि छात्रों के प्रर्दशन को देखते हुए प्रशासन के द्वारा कल सुबह आठ बजे से रात्रि 11.30 तक सीएम आवास से दो सौ मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू कर दी गयी है. अब सीएम आवास के आसपास किसी को भी आने-जाने की अनुमति नहीं होगी.

    बता दें कि निषेधाज्ञा लागू होने के बाद सीएम आवास के आसपास पांच या उसके अधिक लोगों का एक साथ जमा होने पर पांबदी रहेगी, इसके साथ ही इस इलाके में किसी भी प्रकार का धरना-प्रर्दशन पर रोक रहेगी.

    पूर्ववत होगा सीएम आवास का घेराव

    इस बीच छात्रों की तैयारी की जानकारी देते हुए छात्र नेता देवेन्द्रनाथ महतो ने दावा किया है कि सीएम आवास की घेराबंदी अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगी, इसके साथ ही 18 अप्रैल की पूर्व संघ्या पर सभी जिलों में मशाल जुलूस निकाला जायेगा,जबकि 19 अप्रैल को सम्पूर्ण झारखंड बंद रहेगा.

    हेमंत सरकार ने अपनी नियोजन नीति को हाईकोर्ट ने दिया था झटका

    यहां बता दें कि हेमंत सरकार ने अपनी नियोजन नीति को झारखंड हाईकोर्ट के द्वारा निरस्त किये जाने के बाद 60: 40 का फार्मूला को लेकर सामने आयी है, इसके तहत सभी नियुक्तियों में  60 फीसदी सीटों को झारखंड के अभ्यर्थियों को लिए सुरक्षित रखा गया है, जबकि 40 फीसदी सीटों को ओपन रखा गया है, इन छात्रों का दावा है कि ऐसा कर हेमंत सरकार ने 40 फीसदी नियुक्तियों को दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों के लिए खुला छोड़ दिया है, जबकि सरकार का दावा है कि इन 40 फीसदी सीटों पर भी झारखंड के अभ्यर्थियों की ही नियुक्ति होगी. लेकिन छात्र सरकार की इस घोषणा से सहमत नहीं है, उनकी मांग खतियान आधारित नियोजन नीति बनाने की है.

    हाईकोर्ट से झटके के बाद 60:40 के फार्मूलें पर आयी हेमंत सरकार

    यहां बता दें कि हेमंत सरकार ने भी खतियान को ही आधार बना कर नियोजन नीति का निर्माण किया था, लेकिन झारखंड हाईकोर्ट के द्वारा उसे निरस्त कर दिये जाने के बाद 60:40 का फार्मूला लाया गया है. हालांकि सरकार का दावा है कि वह अभी भी खतियान आधारित स्थानीय नीति और नियोजन नीति की पक्षधर है, लेकिन झारखंड हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब इसमें कानून अड़चन आ गयी है, सरकार की कोशिश उसका भी समाधान ढूढ़ने की है. उसकी भी प्रक्रिया जारी है, लेकिन चुकी यह मामला कानूनी लड़ाई का है, और तब तक नियुक्ति की प्रक्रिया को बाधित करना छात्रों के साथ ज्यादती होगी, यही कारण है कि सरकार ने तात्कालिक रुप से 60:40 के फार्मूलों पर चलने का फैसला किया है.  


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