अनोखी बस जिसमे चलती है कंप्यूटर क्लास, झारखंड के कई जिलों के बाद अब धनबाद में भी "एकल ऑन व्हील्स" कंप्यूटर वैन लॉन्च


धनबाद(DHANBAD):धनबाद में अनोखी बस को लॉन्च किया गया है. इस बस को एकल ऑन व्हील्स कंप्यूटर वैन नाम दिया गया है. जिसे एसएसपी, आईआईटी (आइएसएम) के डायरेक्टर, डिप्टी डायरेक्टर के अलावे राष्ट्रीय अभियान प्रमुख द्वारा हरी झंडी दिखाकर आईआईटी (आइएसएम) से रवाना किया गया.यह बस दूरदराज और ग्रामीण आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों और युवाओं को डिजिटल साक्षरता प्रदान करेगी.
अब धनबाद में भी "एकल ऑन व्हील्स" कंप्यूटर वैन लॉन्च
स्वामी विवेकानंद ने कहा था, 'यदि बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पा रहे है तो स्कूल को बच्चे के पास पहुंचा देना चाहिए.इसी ध्येय को लेकर गांवों में बच्चों को शिक्षित करने के लिए एकल अभियान अब ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को एकल ऑन व्हील्स कंप्यूटर वैन के जरिए डिजिटल साक्षर कर रहा है. मुख्य अतिथि एसएसपी धनबाद, आईआईटी (आइएसएम) के डायरेक्टर, डिप्टी डायरेक्टर के अलावे राष्ट्रीय अभियान प्रमुख द्वारा आईआईटी (आइएसएम) से हरी झंडी दिखाकर एकल ऑन व्हील्स कंप्यूटर वैन को रवाना किया गया.
वैन लैपटॉप और ऑडियो-विजुअल उपकरणों से सुसज्जित
यह वैन लैपटॉप और ऑडियो-विजुअल उपकरणों से सुसज्जित है, इसके जरिए ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को बुनियादी कंप्यूटर कौशल जैसे, MS Word, Excel, PPT, टाइपिंग आदि सिखाया जायेगा, ताकि उन्हें भी डिजिटल इंडिया से जोड़ा जा सके.
एकल अभियान के प्रयासों की सरहाना
इस दौरान एसएसपी प्रभात कुमार ने इस एकल अभियान के प्रयासों की सरहाना की. आईआईटी (आइएसएम) के डायरेक्टर प्रो सुकुमार मिश्रा ने बताया कि कोई भी सोसायटी तभी सुदीढ होता है जब वह पूरी तरह से शिक्षित हो क्वालिटी एजुकेशन से परिपूर्ण हो, इस दिशा में एकल अभियान का यह प्रयास काफ़ी महत्वपूर्ण है.48 एकल ऑन व्हील्स कंप्यूटर वैन पुरे भारतवर्ष में भ्रमणशील है. झारखण्ड में इसकी संख्या धनबाद में लॉचिंग के बाद अब 8 हो चुकी है। एकल अभियान के राष्ट्रीय अभियान प्रमुख डॉ. ललन शर्मा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र का सर्वांगीण विकास की उन्नति ही एकल अभियान का उद्देश्य है.ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के लिए केवल शिक्षा नहीं, बल्कि डिजिटल साक्षर होना भी आवश्यक है और इसी प्रयास के फ्लस्वरूप कम्प्यूटर बस लेकर आए है, उन्होंने बताया कि अबतक 1 लाख बच्चों को कम्यूटर में कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें ट्रेंड किया जा चूका है, जिसमे 50 हजार की संख्या लड़कियों की है.
रिपोर्ट-नीरज कुमार
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