डॉक्टर की सलाह लिए बिना दवा खरीद बिक्री करने पर जेल तक जा सकते है आप!जानिए क्या है पूरा नियम


टीएनपी डेस्क(TNP DESK):बीमारी किसी को बताकर नहीं आती कब किसकी तबीयत कहां खराब हो जाए कोई नहीं जानता. वही सर दर्द, बदन दर्द कमर दर्द, सर्दी-खांसी, बुखार यह आम बीमारी है जो दो-तीन महीने पर लोगों को होती रहती है. ऐसे में लोग डॉक्टर के पास ना जाकर सीधे मेडिकल स्टोर में पहुंच जाते है और अपनी समस्या बता कर दावा खरीदते है लेकिन यह कितना जानलेवा है इसका अंदाज़ा लोगों को नहीं होता है. इसका असर यह होता है कि भविष्य में आपके शरीर में मजबूत पेन किलर और एंटीबायोटिक्स खाने की वजह से अन्य दवाओं का असर कम हो जाता है.वैसे तो भारत में बिना डॉक्टर की सलाह या पर्ची के दवा बेचना कानूनी अपराध है, लेकिन फिर भी कुछ मेडिकल वाले फ़ायदा कमाने के लिए बिना किसी डॉक्टर की पर्ची के ही दवा बेच देते है.जिसको रोकने के लिए भारत सरकार की ओर से सख्त कानून भी असल बनाया गया है जिसके बारे में आज हम आपको बताने वाले है.
बिना डॉक्टर के सलाह दवा खाना जानलेवा
दरअसल बिना डॉक्टर के सलाह की दवा खरीदने जाने वाले लोगों को इस बात का अंदाजा नहीं होता है कि जो दवा वहां बिना डॉक्टर के सलाह की खा रहे है उनके स्वास्थ्य पर कितना बुरा असर डालेगा.हलांकी मेडिकल वाले को जरूर इस बात की जानकारी होती है कि बिना डॉक्टर के सलाह दवा नहीं बेचना है लेकिन फिर भी वह फ़ायदा कमाने के लिए बेचते है.ऐसे मेडिकल वाले लोगों को रोकने के लिए भारत सरकार ने कानून बनाया है जहां अगर कोई दुकानदर बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन प्रतिबन्धित दवा बेचता पकड़ा जाता है तो उसके मेडिकल के लाइसेंस को सस्पेंड कर दिया जा सकता है या रद्द भी हो सकती है.
प्रतिबन्धित वी बेचे जाने पर हो सकती है जेल
प्रतिबन्धित दवा बेचते पकड़े जाने पर मेडिकल स्टोर के मालिक के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है. ड्रग इंस्पेक्टर दुकान का लाइसेंस रद्द या निलंबित कर सकता है. इसके साथ लाखों रुपये का जुर्मना भी लगाया जा सकता है.कुछ दवाएँ तो ऐसी है जिसको बेचने के लिए 2 से 5 साल तक जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है.ऐसे में सवाल उठता है कि क्या दावा खरीदने वाले पर भी कोई कार्रवाई की जाती है तो चलिए इसका जवाब जानते है.
क्या दावा खरीदने वाले पर भी होगी कार्रवाई
आपको बता दे की शरीरिक रूप से किसी तकलीफ से गुजरने के बाद कोई भी व्यक्ति मेडिकल वाले के पास पहुंच जाता है उसे इस बात की जानकारी नहीं होती है कि वह दवा खाएगा तो उसके शरीर पर क्या बुरा असर पड़ेगा.उसको बस अपने दर्द से छुटकारा पाना होता है लेकिन कानूनी तौर पर जिम्मेदारी पूरी तरह से दवा विक्रेता की होती है क्योंकि उसको इस काम के लिए लाइसेंस मिला होता है.इसलिए हर चीज की जवाबदेही उसकी है.ऐसे आमतौर पर किसी भी दवा को खरीद पर खरीददार पर किसी कोई जुर्मना या कार्रवाई या जेल नहीं होती है.लेकिन कुछ विशेष मसलों में जैसे नशीले पदार्थ की श्रेणि में आने वाली दवा खरीद पर पुलिस कार्रवाई कर सकती है वह पूछताछ जुर्मना आदि गिरफ़्तारी भी की जा सकती है.
मेडिकल स्टोर के खिलाफ कहां कर सकते हैं शिकायत
यदि आपकी आस-पास भी कोई मेडिकल स्टोर में बिना किसी डॉक्टर की सलाह और पर्ची दवा भेजी जा रही है तो आप एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते इसकी शिकायत कर सकते है.ऐसे में आज हम आपको बता देते है कि इसकी शिकायत कहां और कैसे की जाती है.आपको बता दे की राज्य फार्मेसी परिषद राज्य फार्मेसी काउंसिल इसके साथ ही ड्रग कंट्रोल विभाग में लिखित शिकायत की दी जा सकती है.इसके अलावा आप केंद्रीय दवा मानक निमंत्रण संगठन की वेबसाइट cdsco.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवा सकते है.हालांकी कई राज्य में स्वास्थ्य विभाग की हेल्प लाइन नंबर 104 प्रति कॉल करके भी शिकायत दर्ज करा सकती है.
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