Cyber Fraud के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कारवाई : CBI का बड़ा एक्शन, Operation-Eye-Strike में 10 राज्यों सहित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क ध्वस्त 

    Cyber Fraud के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कारवाई : CBI का बड़ा एक्शन, Operation-Eye-Strike में 10 राज्यों सहित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क ध्वस्त

    TNP DESK- देश में साइबर अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने ‘ऑपरेशन साइ-स्ट्राइक’ के तहत अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी और वित्तीय अपराध से जुड़े कई गिरोहों का पर्दाफाश किया है. 30 जनवरी 2026 को की गई इस बहु-राज्य कार्रवाई में भारत के साथ-साथ कई विदेशी एजेंसियों का भी सहयोग रहा.

    CBI ने इस ऑपरेशन को अमेरिका की FBI समेत यूनाइटेड किंगडम, कुवैत, आयरलैंड और सिंगापुर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय में अंजाम दिया. जांच एजेंसी के अनुसार, ये गिरोह फर्जी पहचान के जरिए दुनियाभर के लोगों को निशाना बनाकर ऑनलाइन ठगी को अंजाम दे रहे थे.

    10 राज्यों में 35 ठिकानों पर छापेमारी

    CBI ने दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में कुल 35 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की. इस दौरान कई अहम सबूत, डिजिटल डिवाइस और नकदी बरामद की गई.

    अमेरिका और खाड़ी देशों तक फैला था नेटवर्क

    जांच में सामने आया कि एक दिल्ली स्थित गिरोह अमेरिकी नागरिकों को टेक-सपोर्ट फ्रॉड के जरिए ठग रहा था. इस मामले में एक प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. वहीं, एक अन्य गिरोह दिल्ली, गाजियाबाद और कर्नाटक से संचालित हो रहा था, जो खुद को कुवैत ई-वीजा सेवा प्रदाता बताकर भारतीय नागरिकों को ठग रहा था. यह गिरोह eservicemoi-kw.com जैसे फर्जी डोमेन का इस्तेमाल कर लोगों से पैसे ऐंठ रहा था.

    ₹60 लाख नकद और फर्जी दस्तावेज जब्त

    छापेमारी के दौरान CBI ने करीब ₹60 लाख नकद, कई लैपटॉप, मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं. इनमें बड़ी संख्या में फर्जी वीजा, अपॉइंटमेंट लेटर और ठगी से जुड़े डिजिटल सबूत पाए गए हैं.

    म्यूल अकाउंट्स पर शिकंजा

    CBI ने जांच के दौरान कई ऐसे “म्यूल अकाउंट्स” की पहचान की है, जिनका इस्तेमाल विदेशी पीड़ितों से ठगी की रकम को भारत में ट्रांसफर करने और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जा रहा था. इन खातों को फ्रीज कर दिया गया है, ताकि आगे किसी भी तरह की अवैध वित्तीय गतिविधि को रोका जा सके.

    साइबर अपराध के खिलाफ सख्त संदेश

    CBI अधिकारियों का कहना है कि ‘ऑपरेशन साइ-स्ट्राइक’ का मकसद सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क की कमर तोड़ना है. आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, साथ ही विदेशी एजेंसियों के साथ मिलकर आगे की जांच जारी रहेगी.

    पीड़ितों से अपील

    CBI ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी भी तरह की साइबर ठगी का शिकार हुए हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं या 1930 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें.

    यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि साइबर अपराधियों के लिए अब देश और सरहद दोनों सुरक्षित नहीं हैं.



    Related News