टीएनपी डेस्क (TNP DESK): देश में बढ़ती महंगाई का असर एक बार फिर से आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है. 2025 के मुकाबले इस साल यानि की 2026 में महंगाई ने आसमान छु लिया है जिसके कारण लोगों की चिंताएं और बढ़ गई हैं. इसका असर खाने-पीने की चीजों से लेकर पेट्रोल, डीजल, गैस सिलेंडर और रोजमर्रा के सामानों पर साफ देखने को मिल रहा है.
अब आपके मन में सवाल जरूर आता होगा कि आखिर महंगाई क्यों बढ़ती जा रही है? दरअसल, जब देश में वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें लगातार बढ़ने लगती हैं, तो इसका सीधा असर लोगों के मासिक बजट पर पड़ता है. परिवारों को अपने खर्चों में कटौती करनी पड़ती है और जरूरी चीजें खरीदना भी मुश्किल होने लगता है. यही वजह है कि बढ़ती महंगाई आज आम आदमी के लिए सबसे बड़ी चिंता बनती जा रही है.
महंगाई बढ़ने के पीछे का सबसे बाद कारण हैं कच्चे तेल के कीमतों में इजाफा होना. जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने से भारत में भी पेट्रोल और डीजल की भी कीमत बढ़ जाती है. अब इसका सारा असर ट्रांसपोर्ट खर्च पर पड़ता जिसके कारण सारी चीज़े महंगी हो जाती है यानि कि कीमतों में उछाल आने लगते हैं.
इसके अलावा खाद्य पदार्थों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी भी एक बड़ी वजह है. दाल, सब्जियां, दूध, खाद्य तेल और अनाज जैसी जरूरी चीजें पहले से ज्यादा महंगी हो चुकी हैं.
सप्लाई चेन की समस्याएं भी महंगाई बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही हैं. कई उद्योगों में उत्पादन लागत बढ़ गई है, जिससे कंपनियां अपने उत्पाद महंगे बेचने को मजबूर हैं.
चलिए अब जानते हैं 2025 से 2026 में कितनी किमाते किन-किन चीजों पे बढ़ी है
*साल 2025 में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत लगभग 97.77 रुपये प्रति लीटर थी जबकि 2026 में पेट्रोल की कीमत 100.77 लीटर है.
* साल 2025 में 1 लीटर डीजल की कीमत लगभग 90.67 रुपये प्रति लीटर थी जबकि 2026 में डीजल की कीमत 93.67 लीटर है.
*साल 2025 में 1 लीटर दूध की कीमत 68 रुपये प्रति लीटर थी जबकि 2026 में दूध की कीमत 70 रुपये प्रति लीटर है.
*साल 2025 में 10ग्राम 24कैरेट सोने का दाम 1,05,000 रुपये से 1,30,000 रुपये के बीच था लेकिन अब 2026 में 1,62,000 से ऊपर हैं.
* साल 2025 में 1 kg चांदी का दाम 1,20,000 रुपये तक था लेकिन अब 2026 में इसका दम 3,00,000 रुपये तक जा चुकी है.
*साल 2025 में सब्जियों और फलों के दाम में बढ़ोतरी नहीं हुई थी लेकिन अब 2026 में सब्जियों और फलों के दाम में 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखि जा रही है.
*साल 2026 में electronic appliances कि कीमतों में 5% से 10% तक का इजाफा हुआ हैं 2025 की तुलना में.
*2026 में Auto-mobile sector में भी 0.5% तक का इजाफा हुआ हैं 2025 की तुलना में.
*2026 में दवाइयों के दाम में 1% से 10% तक का इजाफा हुआ हैं 2025 की तुलना में.
चलिए अब जानते हैं इन सब महंगाई का आम आदमी के बजट पर क्या असर पड़ेगा?
बढ़ती महंगाई का सबसे ज्यादा असर आम आदमी और और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ता है. घर चलाने का monthly बजट बिगड़ सकता है.
रसोई का खर्च बढ़ेगा
सब्जियां, दाल, आटा, चावल, दूध और गैस सिलेंडर जैसी जरूरी चीजों के दाम बढ़ने से किचन का खर्च पहले से ज्यादा हो जाएगा. परिवारों को अपने मासिक खर्च में कटौती करनी पड़ सकती है.
यात्रा होगी महंगी
पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने का असर सीधे यात्रा खर्च पर दिखाई देगा. बस, ऑटो और टैक्सी का किराया बढ़ सकता है. निजी वाहन चलाना भी महंगा पड़ेगा.
घर बनाना और किराया होगा प्रभावित
सीमेंट, सरिया और अन्य निर्माण सामग्री महंगी होने से मकान बनाना महंगा हो सकता है. इसका असर किराए के घरों पर भी देखने को मिल सकता है.
बचत करना होगा मुश्किल
जब आय का बड़ा हिस्सा जरूरी खर्चों में जाने लगे, तो बचत करना कठिन हो जाता है. यही वजह है कि बढ़ती महंगाई लोगों की आर्थिक योजनाओं को प्रभावित करती है.
किन लोगों पर सबसे ज्यादा असर
महंगाई का सबसे ज्यादा असर निम्न और मध्यम आय वर्ग पर पड़ता है. जिन लोगों की आय सीमित है, उनके लिए रोजमर्रा का खर्च संभालना मुश्किल हो सकता है. छोटे व्यापारी और ग्रामीण परिवार भी इससे प्रभावित होते हैं.
सरकार क्या कर सकती है
महंगाई को नियंत्रित करने के लिए सरकार और रिजर्व बैंक कई कदम उठा सकते हैं. ब्याज दरों में बदलाव, जरूरी वस्तुओं की सप्लाई बढ़ाना और टैक्स में राहत देना कुछ ऐसे उपाय हैं जिनसे लोगों को राहत मिल सकती है.
महंगाई के समय कैसे संभालें अपना बजट
- अनावश्यक खर्चों को कम करें.
- हर महीने बजट बनाकर खर्च करें.
- बचत और निवेश की योजना तैयार रखें.
- जरूरत की चीजें सोच-समझकर खरीदें.
- ईंधन और बिजली की बचत करें.
बढ़ते बजट और कीमतों का असर आने वाले समय में आम लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है. अगर इसी तरह खर्च और रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ते रहे, तो घर चलाना और ज्यादा कठिन हो जाएगा. ऐसे समय में समझदारी से खर्च करना और आर्थिक योजना बनाना बेहद जरूरी है.

