TNP DESK: ग्लोबल मार्केट में बढ़ते दबाव और भारतीय शेयर बाजार में लगातार गिरावट के बीच देश के निवेशकों के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है. मार्केट कैपिटलाइजेशन के अनुसार दुनिया की टॉप-100 कंपनियों की सूची में अब भारत की एक भी कंपनी शामिल नहीं है. कुछ समय पहले , इस लिस्ट में भारत की तीन बड़ी कंपनियां जगह बनाए हुए थीं, लेकिन अब वे भी रैंकिंग में काफी नीचे दिखाई दे रहे हैं.
दरअसल, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और रुपये पर दबाव का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है. साल 2026 में सेंसेक्स करीब 12 फीसदी और निफ्टी लगभग 10 फीसदी तक टूट चुका है. इसी बीच विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार की चिंता और बढ़ा दी है.
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की सबसे बड़ी कंपनी Reliance Industries पहले दुनिया की टॉप कंपनियों में शामिल थी, लेकिन अब इसकी रैंकिंग काफी नीचे चली गई है. इसी तरह HDFC Bank और Tata Consultancy Services भी ग्लोबल रैंकिंग में बड़ी गिरावट का सामना कर रही हैं. खासतौर पर आईटी सेक्टर में भारी कमजोरी देखने को मिली है, जहां Infosys जैसी दिग्गज कंपनी भी काफी नीचे पहुंच गई है.
इसके अलावा ITC Limited, Bharti Airtel, ICICI Bank और State Bank of India जैसी कंपनियों की रैंकिंग में भी गिरावट दर्ज की गई है.
विदेशी निवेशकों की बिकवाली इस गिरावट की बड़ी वजह मानी जा रही है. जनवरी 2026 से अब तक विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय बाजार से करीब 2.20 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके हैं. सिर्फ अप्रैल महीने में ही भारी बिकवाली देखने को मिली, जबकि मई में भी निवेशकों ने बड़ी रकम बाजार से बाहर निकाली है. लगातार दबाव के चलते भारतीय कंपनियों का ग्लोबल मार्केट वैल्यूएशन कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है.

