पहली सैलरी मिलते ही करें ये 3 काम, भविष्य में नहीं होगी पैसों की टेंशन

    पहली सैलरी मिलते ही करें ये 3 काम, भविष्य में नहीं होगी पैसों की टेंशन
    जब किसी व्यक्ति को पहली नौकरी की सैलरी मिलती है तो अक्सर वह नई चीजें खरीदने या खर्च करने की योजना बनाने लगता

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK): जब किसी व्यक्ति को पहली नौकरी की सैलरी मिलती है तो अक्सर वह नई चीजें खरीदने या खर्च करने की योजना बनाने लगता है. लेकिन वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि करियर की शुरुआत में लिए गए कुछ समझदारी भरे फैसले भविष्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकते हैं. यदि नौकरी की शुरुआत में ही सही फाइनेंशियल प्लानिंग कर ली जाए तो आगे चलकर पैसों की कमी की समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है.

    विशेषज्ञों के अनुसार नौकरी के शुरुआती वर्षों में अधिकतर लोग बचत और निवेश को उतनी प्राथमिकता नहीं देते. जबकि यही वह समय होता है जब छोटी-छोटी बचत भी लंबे समय में बड़ा फंड बना सकती है. अगर आप चाहते हैं कि भविष्य में आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े, तो नौकरी शुरू करते ही तीन जरूरी कदम जरूर उठाने चाहिए.

    1. करियर की शुरुआत में ही लें टर्म इंश्योरेंस

    फाइनेंशियल सलाहकारों के मुताबिक नौकरी शुरू होते ही टर्म इंश्योरेंस लेना एक समझदारी भरा फैसला है. टर्म इंश्योरेंस एक सुरक्षा योजना होती है, जिसमें पॉलिसी की अवधि के दौरान बीमाधारक की मृत्यु होने पर बीमा राशि उसके परिवार या नामित व्यक्ति को मिलती है. उदाहरण के लिए यदि कोई व्यक्ति 30 साल के लिए 1 करोड़ रुपये का टर्म इंश्योरेंस लेता है और उस अवधि में उसकी मृत्यु हो जाती है तो परिवार को पूरी बीमा राशि मिलती है. कम उम्र में टर्म इंश्योरेंस लेने का फायदा यह है कि प्रीमियम काफी कम होता है. आम तौर पर विशेषज्ञ सालाना आय के 10 से 15 गुना तक का कवर लेने की सलाह देते हैं.

    1. EPF के साथ VPF में भी करें निवेश

    निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों की सैलरी से हर महीने लगभग 12% राशि कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) में जमा होती है, जिसमें कंपनी भी उतना ही योगदान देती है. इस फंड पर सरकार द्वारा तय ब्याज मिलता है और समय के साथ यह एक अच्छा रिटायरमेंट फंड बन जाता है. वर्तमान में EPF पर करीब 8.25% सालाना ब्याज मिल रहा है. इसके अलावा कर्मचारी चाहें तो वॉलंटरी प्रोविडेंट फंड (VPF) में अतिरिक्त रकम भी जमा कर सकते हैं. यह EPF का ही विस्तार है और इस पर भी समान ब्याज मिलता है. नियमित निवेश से लंबे समय में बड़ा फंड तैयार हो सकता है.

    1. रिटायरमेंट के लिए NPS में निवेश करें

    तीसरा महत्वपूर्ण विकल्प है नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS). यह सरकार द्वारा संचालित रिटायरमेंट योजना है, जिसमें निवेश की गई राशि को शेयर बाजार, सरकारी बॉन्ड और अन्य सुरक्षित साधनों में लगाया जाता है. इससे समय के साथ अच्छा रिटायरमेंट फंड तैयार हो सकता है. यदि कोई व्यक्ति 25 वर्ष की उम्र से हर महीने 5,000 रुपये निवेश करता है, तो 60 वर्ष की उम्र तक उसके पास एक बड़ी राशि जमा हो सकती है. इसके अलावा NPS में निवेश करने पर आयकर की धारा 80CCD(1B) के तहत 50,000 रुपये तक की अतिरिक्त टैक्स छूट भी मिलती है.

    वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि यदि नौकरी की शुरुआत में ही टर्म इंश्योरेंस, EPF-VPF और NPS जैसे विकल्पों में निवेश शुरू कर दिया जाए, तो भविष्य की आर्थिक सुरक्षा मजबूत हो जाती है. कम उम्र में शुरू किया गया निवेश आगे चलकर बड़ा सहारा साबित होता है.

     


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