Bihar: वंशीधर ब्रजवासी निर्दलीय जीत गए MLC चुनाव, सोशल मीडिया पर रो रोकर लोगों से की थी वोट की अपील, जानिए इसके बारे में 

    Bihar: वंशीधर ब्रजवासी निर्दलीय जीत गए MLC चुनाव, सोशल मीडिया पर रो रोकर लोगों से की थी वोट की अपील, जानिए इसके बारे में 

    मुजफ्फरपुर(MUZAFFARPUR): बिहार विधान परिषद की तिरहुत स्नातक सीट से शिक्षक वंशीधर ब्रजवासी की जीत हुई है. शिक्षक पद से बर्खास्त होने के बाद वंशीधर ब्रजवासी राजनीति में आए और आते ही जीत हासिल कर ली. इस सीट पर लंबे समय से जदयू का राज था. लेकिन एक शिक्षक के आगे जदयू प्रत्याशी भी नहीं टिक पाए और हार गए. आइए जानते हैं कि आखिर कौन है निलंबित शिक्षक वंशीधर ब्रजवासी.  

    शिक्षकों के हक और हुक़ूक़ के लिए लड़ी लड़ाई

    मूलरूप से मुजफ्फरपुर जिले के दामुचक इलाके शिवपुरी में रहने वाले वंशीधर ब्रजवासी एक शिक्षक नेता हैं. इनके संगठन का नाम परिवर्तनकारी शिक्षक संघ है जो खासकर प्रारंभिक शिक्षकों के हक और हुक़ूक़ की लड़ाई लड़ते हैं. शिक्षकों के हक की लड़ाई में अक्सर सरकार के निर्णयों के विरोध में आवाज उठाने के कारण इनकी लोकप्रियता भी काफी अधिक है.

    के के पाठक से हुआ था टकराव और कर दिए गए थे बर्खास्त

    शिक्षक नेता बंशीधर बृजवासी पहले सरकारी स्कूल में शिक्षक थे. लेकिन इसी साल जुलाई में उन्हें निलंबित कर दिया गया था. क्योंकि, शिक्षक नेता बंशीधर बृजवासी ने सरकार द्वारा जारी हर उस आदेशानुसार का विरोध किया, जो शिक्षकों के सम्मान के विरुद्ध था. कभी खुले में शौच करने वालों को चिन्हित करने की जिम्मेवारी शिक्षकों मिलने से लेकर मध्यान भोजन के लिये अंडा खरीदने और बोरा बेचकर पैसा सरकार के पास जमा करने के आदेश का उन्होंने विरोध किया. साथ ही शिक्षा विभाग के चर्चित एसीएस के के पाठक के कार्यकाल में स्थानांतरण सहित कई मामलों पर सरकार के विरोध में सड़क पर उतर गए. लेकिन शिक्षक नेता बंशीधर बृजवासी का तत्कालीन एसीएस के के पाठक से टकराना महंगा पड़ और उन्हें नौकरी से निलंबित कर दिया गया. लेकिन इसके बावजूद वे नहीं रुके और शिक्षकों के हक हुकूक की लड़ाई लड़ते रहे. नौकरी से बर्खास्त कर दिए जाने के विरोध में वे हाइकोर्ट भी गए और मध्यावधि एमएलसी उपचुनाव में कूद गए.

    स्नातक स्वाभिमान भत्ता दिलाने का दिया भरोसा

    स्नातक चुनाव के दौरान बंशीधर बृजवासी को शिक्षकों का खूब सहयोग मिला. वहीं, अपने नामांकन के दिन ही वंशीधर ब्रजवासी ने यह बयान दे दिया कि मेरी लड़ाई स्नातकों और शिक्षकों के स्वाभिमान की लड़ाई है. मैं हर स्नातक के लिये स्नातक स्वाभिमान भत्ता लागू करने की लड़ाई लड़ूंगा. नतीजा ये हुआ कि बंशीधर बृजवासी ने जदयू प्रत्याशी को हरा दिया.

    चुनाव से एक दिन पहले रोते हुए की थी भावुक अपील

    बता दें कि, बंशीधर ब्रजवासी ने पूरे परिवार के साथ चुनाव से एक दिन पहले रोते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर डाला था. एक मिनट 38 सेकेंड के इस वीडियो में वंशीधर ब्रजवासी सपरिवार रोते हुए मतदाताओं से भावुक अपील कर रहे थे.  

    मतदाताओं ने जताया भरोसा

    स्नातक उपचुनाव में तिरहुत के मतदाताओं ने बंशीधर ब्रजवासी पर भरोसा जताया. इस चुनाव में बंशीधर ब्रजवासी को कुल 27744 मत मिले और पुराने दलीय उम्मीदवार तीसरे और चौथे नंबर पर चले गए.

    रिपोर्ट: ऋषिनाथ


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news