TRE-4 परीक्षा को लेकर बिहार में बढ़ा बवाल, अभ्यर्थियों ने सरकार को दिया ये अल्टीमेटम

    TRE-4 परीक्षा को लेकर बिहार में बढ़ा बवाल, अभ्यर्थियों ने सरकार को दिया ये अल्टीमेटम

    पटना(PATNA): बिहार में शिक्षक भर्ती को लेकर माहौल लगातार गर्माता जा रहा है. TRE-4 परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी नहीं होने से नाराज शिक्षक अभ्यर्थियों का गुस्सा अब खुलकर सड़कों पर दिखाई देने लगा है. अभ्यर्थियों ने सरकार को साफ चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर 30 मई तक TRE-4 का विज्ञापन जारी नहीं किया गया, तो राज्यभर में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा. इसे लेकर छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों के बीच हलचल तेज हो गई है.

    इस पूरे मुद्दे को लेकर छात्र नेता खुशबू पाठक की ओर से एक पोस्टर भी जारी किया गया है, जिसने राजनीतिक और शैक्षणिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है. पोस्टर में लिखा गया है “अबकी बार, आर-पार”. साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि सरकार समय पर नोटिफिकेशन जारी नहीं करती है, तो 1 जून को “थाली-बेलन क्रांति आंदोलन” किया जाएगा. अभ्यर्थियों ने साफ कहा है कि वे पटना की सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन करेंगे.

    दरअसल, TRE-4 को लेकर अभ्यर्थियों की नाराजगी पिछले कई दिनों से बढ़ रही है. बुधवार को भी राजधानी पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों ने बड़ा प्रदर्शन किया था. पटना कॉलेज से लेकर बीपीएससी कार्यालय तक अभ्यर्थियों ने मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी, जिसके बाद भारी संख्या में तैनात पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की.

    इस दौरान कई छात्र नेताओं और अभ्यर्थियों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया. हालांकि, इसके बावजूद अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पीछे हटने वाले नहीं हैं और जब तक TRE-4 का विज्ञापन जारी नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा.

    वहीं दूसरी ओर बिहार सरकार ने अभ्यर्थियों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है. बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि सरकार TRE-4 को लेकर पूरी तरह गंभीर है और जल्द ही भर्ती प्रक्रिया का शेड्यूल जारी किया जाएगा. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद शिक्षा विभाग इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है और बीपीएससी के साथ लगातार बातचीत जारी है.

    इसके बावजूद अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि नोटिफिकेशन चाहिए. अब सबकी नजर 30 मई पर टिकी हुई है, क्योंकि यदि तय समय तक विज्ञापन जारी नहीं हुआ तो बिहार में शिक्षक भर्ती को लेकर बड़ा आंदोलन देखने को मिल सकता है.

     



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