पटना : बिहार की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है. पिछले दो दशकों से ‘सुशासन बाबू’ के नाम से पहचाने जाने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर सियासी गलियारों में बड़ी चर्चा है. खबर है कि नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर सकते हैं. यदि ऐसा होता है तो यह बिहार की राजनीति में एक बड़े परिवर्तन का संकेत माना जाएगा.
सूत्रों के मुताबिक आज सुबह 11 बजे राज्यसभा के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है. इस बीच यह भी चर्चा तेज है कि आने वाले दिनों में बिहार में नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है. कहा जा रहा है कि राज्य में भाजपा का मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है जबकि जदयू से दो उपमुख्यमंत्री पद पर रह सकते हैं. हालांकि आधिकारिक घोषणा का इंतजार है.
इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पटना दौरा भी राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बताया जा रहा है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन भी राज्यसभा प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल करेंगे. ऐसे में अमित शाह की मौजूदगी को सिर्फ औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि नीतीश कुमार सक्रिय राज्य राजनीति से हटकर केंद्र की राजनीति में जाते हैं तो यह एनडीए के भीतर शक्ति संतुलन में बड़ा बदलाव होगा. भाजपा लंबे समय से बिहार में अपने संगठन को मजबूत करती रही है और अब नेतृत्व की भूमिका में आने की संभावनाएं तेज मानी जा रही हैं.
हालांकि, अभी तक इन तमाम अटकलों पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। लेकिन एक बात साफ है. आज का दिन बिहार की राजनीति की दिशा और दशा तय करने में अहम साबित हो सकता है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है. क्या सचमुच बिहार में नेतृत्व परिवर्तन होने जा रहा है या यह सिर्फ सियासी रणनीति का हिस्सा है? आने वाले कुछ घंटे इस पर से पर्दा उठा सकते हैं.
Thenewspost - Jharkhand
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