बेगूसराय(BEGUSARAY): बिहार में मॉडल स्वास्थ्य सिस्टम की मॉडल तस्वीर हर दिन सामने आती है. अब एक तस्वीर बेगूसराय से सामने आई. जहां बच्चे की मौत के बाद शव गाड़ी तक ले जाने के लिए स्ट्रेचर तक नहीं मिला. मजबूरन बच्चे की माँ को अपने कलेजे के टुकड़े के शव को गोद में उठा कर ले जाना पड़ा. सोचिए उस माँ के दिल पर क्या गुजर रही होगी. कैसे उसने अपने फूल से मासूम के जनाजा को उठाया होगा.लेकिन बेचारी करती भी तो क्या वह गरीब थी, उसके पास पैसे नहीं थे. उसका रसूख उतना नहीं था की किसी बड़े साहब या हुक्मरान को फोन कर सुविधा ले लेती. आखिर उस माँ ने मासूम का जनाजा नहीं बल्कि स्वास्थ्य विभाग दावे और सिस्टम का जनाजा उठाया है.
दरअसल बेगूसराय जिले में खेलने के दौरान पानी भरे तालाब में डूबने से एक मासूम बच्चे की मौत हो गई. हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया. वहीं पोस्टमार्टम के बाद व्यवस्था की तस्वीर भी सामने आई, जहां स्ट्रेचर नहीं मिलने पर परिजन मासूम बच्चे का शव गोद में लेकर अस्पताल से बाहर निकलने को मजबूर दिखे. घटना बेगूसराय के गढ़पुरा थाना क्षेत्र स्थित मालीपुर गांव की है. जहां पानी से भरे तालाबनुमा गड्ढे में डूबने से पांच वर्षीय मासूम कृष्णा कुमार की दर्दनाक मौत हो गई.
मृतक की पहचान मालीपुर वार्ड संख्या-12 निवासी मुकेश सदा के इकलौते पुत्र कृष्णा कुमार के रूप में की गई है. बताया जा रहा है कि कृष्णा अपनी नानी के गांव में परिवार के साथ रह रहा था. गांव के कुछ बच्चे पास के चमरिया तालाब में बंसी से मछली पकड़ रहे थे. इसी दौरान खेलते-खेलते कृष्णा भी वहां पहुंच गया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। तालाब गहरा होने के कारण मासूम बाहर नहीं निकल सका. काफी देर तक जब कृष्णा दिखाई नहीं दिया तो बच्चों ने शोर मचाया. इसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बच्चे की तलाश शुरू की.
काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने तालाब से मासूम का शव बाहर निकाला।घटना की सूचना मिलते ही गढ़पुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेज दिया. लेकिन पोस्टमार्टम के बाद अस्पताल की बदहाल व्यवस्था भी सामने आ गई. स्ट्रेचर नहीं मिलने के कारण परिजन मासूम बच्चे का शव गोद में लेकर अस्पताल से बाहर निकलते नजर आए. मासूम कृष्णा अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था. बेटे की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है और हर आंख नम दिखाई दे रही है. बच्चा खेलते-खेलते तालाब में चला गया। बहुत खोजबीन के बाद शव मिला. अस्पताल में भी कोई व्यवस्था नहीं थी, मजबूरी में गोद में शव लेकर जाना पड़ा। एक तरफ मासूम की दर्दनाक मौत और दूसरी तरफ अस्पताल की बदहाल व्यवस्था। इस घटना ने एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक दावों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

