पटना(PATNA):बिहार में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सरकार ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है. मुख्यमंत्री समर्थ चौधरी की मौजूदगी में आयोजित एक बड़ी बैठक के बाद यह घोषणा की गई कि अब जनता की शिकायतों को लंबे समय तक दबाकर रखने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी.
एक महीने तक फाइल दबाने वाले अधिकारी होंगे सस्पेंड
दरअसल, “सहयोग शिविर पोर्टल” लॉन्च के मौके पर मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि यदि पोर्टल पर आने वाली किसी भी शिकायत का निपटारा एक महीने के भीतर नहीं किया गया, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी को निलंबित कर दिया जाएगा. इतना ही नहीं, लगातार लापरवाही पाए जाने पर उसकी सेवा भी समाप्त की जा सकती है.सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. लंबे समय से लोगों की शिकायत रही है कि सरकारी दफ्तरों में फाइलें महीनों तक लंबित पड़ी रहती हैं और आम जनता को छोटे-छोटे कामों के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसे में सरकार अब इस व्यवस्था को बदलने की तैयारी में है.
निलंबन के साथ-साथ बर्खास्तगी तक की कार्रवाई
ग्रामीण विकास मंत्री ने फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि जिन अधिकारियों या कर्मचारियों के पास कोई शिकायत एक महीने से ज्यादा समय तक लंबित रहेगी और उस पर कार्रवाई नहीं होगी, उनके खिलाफ निलंबन के साथ-साथ बर्खास्तगी तक की कार्रवाई की जा सकती है.सरकार का मानना है कि इस फैसले से प्रशासनिक कामकाज में तेजी आएगी और लोगों की शिकायतों का समय पर समाधान हो सकेगा.वहीं विपक्ष इस फैसले को लेकर सरकार पर सवाल भी उठा सकता है, लेकिन फिलहाल इस घोषणा के बाद सरकारी महकमे में हलचल तेज हो गई है.

