पटना(PATNA):भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफा के लिए आज सुबह 8:40 का मुहूर्त तय किया गया था लेकिन अचानक नितिन नवीन इस्तीफा दिए बगैर ही दिल्ली लौट गए. बिहार विधानसभा सचिवालय से इस तय समय का संदेश भी दिया गया और आखिरी वक्त में इस्तीफा टल गया. कहा गया कि अपरिहार्य कारणों से नीति नवीन आज बिहार विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा नहीं देंगे.
पढ़े फिर क्यों टला इस्तीफा
गौरतलब है कि नितिन नवीन पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और 16 मार्च को वह राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं उनके साथ ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं.नितिन नवीन के इस्तीफे को लेकर जहां सस्पेंस बना हुआ है, वहीं एनडीए की स्थिति को लेकर भी सवाल उठने लगे है. रविवार को बिहार विधानसभा में इस्तीफे की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए विशेष तैयारी की गई थी. आमतौर पर छुट्टी रहने के बावजूद विधानसभा को खोला गया. विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार भी दिल्ली से पटना लौटकर सुबह से मौजूद थे.
30 मार्च को इस्तीफा देने की अंतिम तारीख
बिहार विधानसभा की नियमावली के अनुसार, यदि कोई विधायक राज्यसभा या विधान परिषद के लिए निर्वाचित होता है तो उसे 14 दिनों के भीतर विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देना अनिवार्य होता है.विधानसभा की नियमावली के अनुसार सदस्य को अपना इस्तीफा विधानसभा सचिवालय को सशरीर उपस्थित होकर देना होता है. गौरतलब है कि 16 मार्च को नीतीश कुमार, नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा और रामनाथ ठाकुर राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे. ऐसे में 30 मार्च को इस्तीफा देने की अंतिम तिथि मानी जा रही है.
नीतीश कुमार के इस्तीफे को लेकर राजनीतिक हलकों में उत्सुकता
फिलहाल, नितिन नवीन से ज्यादा नीतीश कुमार के इस्तीफे को लेकर राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बनी हुई है. इस विषय पर चर्चा जारी है और सभी की नजरें आने वाले 24 घंटों पर टिकी है.अब एक सियासी चर्चा इस बात की भी हो रही है कि राज्यसभा निर्वाचन का अबतक गजट जारी नहीं हुआ है लिहाजा गजट जारी होने के बाद इस्तीफा का समय तय होगा.
Thenewspost - Jharkhand
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