बिहार में बच्चों के मोबाइल उपयोग पर सख्ती, स्कूलों में मोबाइल बैन की तैयारी


पटना : बिहार में बच्चों के बढ़ते मोबाइल उपयोग को लेकर सरकार अब सख्त रुख अपनाने जा रही है. राज्य में नई पाबंदी लागू करने की तैयारी है. जिसके तहत स्कूलों और अभिभावकों दोनों की जिम्मेदारी तय की जाएगी.यह कदम बच्चों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और शैक्षणिक विकास को ध्यान में रखते हुए उठाया जा रहा है.
स्मार्टफोन बना बच्चों की दिनचर्या का अहम हिस्सा
पिछले कुछ वर्षों में स्मार्टफोन बच्चों की दिनचर्या का अहम हिस्सा बन गया है. ऑनलाइन गेम, सोशल मीडिया और वीडियो प्लेटफॉर्म पर अधिक समय बिताने से बच्चों की पढ़ाई, व्यवहार और स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक स्क्रीन टाइम से एकाग्रता में कमी, आंखों की समस्या और मानसिक तनाव जैसी परेशानियां बढ़ रही हैं.
कक्षा के दौरान मोबाइल उपयोग पर सख्त रोक रहेगी
प्रस्तावित नियमों के तहत स्कूल परिसर में छात्रों के मोबाइल लाने पर पूर्ण या आंशिक प्रतिबंध लगाया जा सकता है.कक्षा के दौरान मोबाइल उपयोग पर सख्त रोक रहेगी. अभिभावकों को बच्चों के स्क्रीन टाइम की निगरानी की जिम्मेदारी दी जाएगी. स्कूल प्रबंधन को मोबाइल उपयोग संबंधी दिशा-निर्देश लागू करने और निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी. सरकार की योजना है कि इन नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित स्कूल प्रशासन और अभिभावकों को चेतावनी या अन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.
सुरक्षित डिजिटल माहौल देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
विशेषज्ञों का कहना है कि कम उम्र में अनियंत्रित इंटरनेट उपयोग से बच्चे साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और अनुचित सामग्री के संपर्क में आ सकते हैं. ऐसे में यह पाबंदी बच्चों को सुरक्षित डिजिटल माहौल देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. सरकार का मानना है कि केवल स्कूलों पर जिम्मेदारी डालने से समस्या का समाधान नहीं होगा. अभिभावकों को भी घर में बच्चों के मोबाइल उपयोग के समय और उद्देश्य पर नजर रखनी होगी. परिवार में संवाद और जागरूकता के जरिए ही इस पहल को सफल बनाया जा सकता है.
शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि मोबाइल पर नियंत्रण से बच्चों का ध्यान पढ़ाई और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की ओर बढ़ेगा. इससे न केवल उनके अकादमिक प्रदर्शन में सुधार होगा बल्कि सामाजिक और मानसिक विकास भी बेहतर होगा.
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