छपरा शराब कांड से हुई मौत पर बोले सम्राट चौधरी-बिहार में अब डाटा छुपाने का चल रहा खेल, उच्च न्यायालय के सिटिंग जज से कराई जाए जांच 

    छपरा शराब कांड से हुई मौत पर बोले सम्राट चौधरी-बिहार में अब डाटा छुपाने का चल रहा खेल, उच्च न्यायालय के सिटिंग जज से कराई जाए जांच 

    पटना(PATNA): बिहार के छपरा में जहरीली शराब से संदिघ्ध रूप से 73 लोगों की मौत हो चुकी है. जिसके बाद बिहार में हर-जगह इसी घटना को लेकर चर्चा की जा रही है. विपक्षी दल भाजपा द्वारा इस घटना को लेकर सड़क से लेकर सदन तक सरकार पर सवाल उठाया जा रहा है. लेकिन, दूसरी तरफ इस घटना को लेकर सरकारी डाटा कुछ और है. सरकार के तरफ से अबतक मात्र 26 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है. इसी कड़ी में अब भाजपा के बिहार विधान परिषद् के नेता विपक्ष सम्राट चौधरी ने जोरदार हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि, बिहार में अब डाटा छुपाने का खेल चल रहा है. बिहार की पुलिस लोगों को डरा रही है. पुलिस के लोग कह रहे हैं कि, आप लोग बोलिए की हमारे परिवार के लोग ठंडा से मरे तो हम मुआवजा देंगे. अगर आप शराब की बात करेंगे तो आप पर भी प्राथमिकी दर्ज होगी. 

    उच्च न्यायालय के सिटिंग जज जांच करेंगे तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा

    बिहार विधान परिषद् के नेता विरोधी दल सम्राट चौधरी ने कहा कि, छपरा में पुलिस द्वारा लोगों को डराया जा रहा है. उच्च न्यायालय के सिटिंग जज यदि वहां जाएंगे और जांच करेंगे तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. हमलोग जब गए तो 53 लोगों के परिवार से मिलकर आए. अब तो यह आकड़ा हर दिन बढ़ता ही जा रहा है. जिस कदर यह संख्या बढ़ रही है रात तक यह आकड़ा 100 के पास पहुंच जाएगी. 

    शराबबंदी के बावजूद नहीं थम रही मौतें 

    आपको बता दें कि छपरा में अब तक 73 लोगों की मौत हो चुकी है. पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है. अभी तक मौत का सिलसिला नहीं थमा है. अभी भी दर्जनों लोगों का का इलाज चल रहा है. बिहार में 5 अप्रैल 2016 को पूर्ण रूप से शराबबंदी कानून लागू किया था. शराबबंदी के बावजूद लोग चोरी छिपे शराब पी ही रहे हैं. चूंकि बिहार में अक्सर मामला सामने आता था की शराब पीने से लोगों की मौत हो गई. इसलिए शराबबंदी कानून लाया गया. लेकिन इसके बावजूद बिहार में धड़ल्ले से चोरी छिपे शराब की बिक्री हो रही है. आए दिन पुलिस शराब की बड़ी बड़ी खेप पकड़ती है. वहीं अगर जहरीली शराब से मौत की बात करें तो ये पहला मामला नहीं जब इससे लोगों की मौत हुई है. इससे पहले भी कई ऐसे मामले सामने आए हैं जब जहरीली शराब से लोगों की मौत हुई है.  अब सवाल ये उठता है कि इसके लिए जिम्मेवार कौन है. पुलिस प्रशासन, सरकार या फिर आम लोग. या वे शराब माफिया जो जहरीली शराब बेच रहे हैं. कहने को तो सुशासन बाबू के बिहार में पूर्ण रूप से शराबबंदी है. फिर लोगों की शराब से मौत कैसे हो रही.  


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