पूर्णिया नरसंहार: अंधविश्वास की आग में जल गया पूरा आदिवासी परिवार, बंधु तिर्की ने उठाई न्याय और मुआवज़े की मांग

    पूर्णिया नरसंहार: अंधविश्वास की आग में जल गया पूरा आदिवासी परिवार, बंधु तिर्की ने उठाई न्याय और मुआवज़े की मांग

    पूर्णिया (PURNIA): पूर्णिया जिले के टेटगामा गांव में 6-7 जुलाई 2025 की रात हुई एक ही आदिवासी परिवार के पांच सदस्यों की निर्मम हत्या न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि यह सामाजिक अन्याय, अंधविश्वास, और दमन की क्रूर तस्वीर प्रस्तुत करती है. इस जघन्य अपराध ने पूरे बिहार को झकझोर दिया है और समाज में व्याप्त अज्ञानता, पाखंड, और असमानता को उजागर किया है. ऐसे में आदिवासियों की  हत्या की जांच करने के लिए झारखंड कांग्रेस कमिटी कार्यकारी सदस्य और पूर्व मंत्री बंधु तिर्की के नेतृत्व में पांच सदस्यी टीम टेटगामा गांव पहुंची थी, जहां स्थानीय लोगों से घटना के बारे में विस्तार से जानकारी ली है. इसके बाद पत्रकारों से बात-चीत करते हुए बंधु तिर्की ने कहा कि आदिवासी समाज में उस इलाके में अशिक्षा, स्वास्थ्य सेवा जैसी मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है. जिसकी वजह से लोग इलाज की जगह जादू टोना में ज्यादा विश्वास कर रहे हैं और यह घटना भी जादू टोना के कारण ही हुई है. बंधु तिर्की ने आगे कहा कि आदिवासी समाज का विकास तभी होगा जब उन्हें मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी. साथ ही बंधु तिर्की ने पूर्णिया के जिला अधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मिलकर मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग की है और दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की भी बात कही है.

    साथ ही गाँव की मूलभूत समस्याओं जैसे सड़क, शिक्षा, आवास, स्वास्थ्य, पानी और अंधविश्वास को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए भी अभियान चलाने की बात कही गई है और सरकार को परिवार के आर्थिक स्थिति को देखते हुए त्वरित आर्थिक सहायता करते हुए मुआवजा की घोषणा करने की भी मांग की गई है.


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