पंजाब और मोतीहारी पुलिस ने नार्को आतंक के बड़े नेटवर्क का किया खुलासा, फरार जवान राजवीर सिंह गिरफ्तार


मोतिहारी(MOTIHARI): पंजाब और मोतीहारी पुलिस ने एक बड़ा ऑपरेशन चलते हुए नार्को-आतंक के खतरनाक नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. पंजाब और मोतिहारी के हरैया थाना पुलिस के इस आपरेशन में हरियाणा के सिरसा थाने पर हमले की साजिश रचने वाला सेना से फरार जवान राजवीर सिंह को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से हैंड ग्रेनेड, और 500 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है.गिरफ्तार आरोपित पाकिस्तान के आतंकी-तस्कर नेटवर्क से सीधे तौर पर जुड़े हुए थे. गिरफ्तार सेवा का भगोड़ा जवान राजवीर सिंह को पंजाब और मोतीहारी पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर बिहार के मोतिहारी जिले के इंडो नेपाल रक्सौल बॉर्डर से गिरफ्तार किया है जो इंडो नेपाल रक्सौल के रास्ते देश छोड़कर भागने के फिराक में था.
जासूसी में नाम आने के बाद फरवरी 2025 में सेना से फरार हो गया था राजवीर
उसकी तलाशी के दौरान 500 ग्राम हेरोइन और एक हैंड ग्रेनेड बरामद किया गया.इससे पहले पंजब पुलिस ने उसके सहयोगी चिराग को गिरफ्तार किया था, जो फाजिल्का के काशी राम कालोनी का निवासी है.चिराग के पास से 407 ग्राम हेरोइन और एक 9 एमएम पिस्टल बरामद हुई थी.जांच में यह सामने आया है कि चिराग राजबीर के लिए कूरियर का काम करता था.पंजाब पुलिस के तरफ से मिली जानकारी के अनुसार, राजबीर सिंह ने वर्ष 2011 में भारतीय सेना ज्वाइन की थी.वर्ष 2025 में अमृतसर ग्रामीण के घरिंडा थाने में आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत दर्ज जासूसी के मामले में नाम आने के बाद वह फरवरी 2025 में सेना से फरार हो गया था.
दोनों का महिला थाने पर ग्रेनेड हमले की साजिश में भी हाथ था
जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपितों का हरियाणा के सिरसा में महिला पुलिस थाने पर हुए ग्रेनेड हमले की साजिश में भी हाथ था. राजबीर और चिराग ने अमृतसर ग्रामीण निवासी गुरजंत सिंह को हैंड ग्रेनेड मुहैया कराए थे. गुरजंत को हरियाणा पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. हमले के लिए आर्थिक मदद भी चिराग के जरिए पहुंचाई गई थी, जिसे आगे हमलावरों तक पहुंचाया गया.पंजाब एसएसओसी की एआईजी डी सुदरविझी ने बताया कि वर्ष 2022 में राजबीर इंटरनेट मीडिया के जरिए पाकिस्तान स्थित हैंडलरों के संपर्क में आया था.हेरोइन की खेपों तक पहुंच के बदले वह संवेदनशील और गोपनीय सैन्य जानकारियां साझा कर रहा था.इतना ही नहीं, उसने अन्य सैन्य कर्मियों को भी इन हैंडलरों से मिलवाया.
लंबे समय से फरार चल रहा था राजवीर
मामला दर्ज होने के बाद राजबीर नेपाल में छिप गया और पंजाब-नेपाल के बीच आवाजाही करते हुए नशा तस्करी जारी रखी. उसके पाकिस्तान स्थित हैंडलर उसे नेपाल के रास्ते यूरोप भेजने की तैयारी में थे.फिर एक बार इंदौर नेपाल रक्सौल बॉर्डर के रास्ते देश से भागने के दौरान पंजाब और मोतीहारी पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलते हुए राजवीर को गिरफ्तार कर लिया और उसेट्रांजिट रिमांड पर उसे पंजाब लाया गया है.
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