बिहार में नेत्र चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा, राजेंद्र नगर नेत्रालय में शुरू होगी पीजी की पढ़ाई


पटना (PATNA): राजधानी स्थित Rajendra Nagar Super Speciality Ophthalmic Science Centre अब केवल इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि एक अकादमिक संस्थान के रूप में भी पहचान बनाएगा. अस्पताल में इस सत्र से मेडिकल छात्रों के लिए पीजी (डीएनबी) की पढ़ाई शुरू की जाएगी. इसके लिए नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज के साथ चार डीएनबी सीटों पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं.
अस्पताल के निदेशक डॉ. अजीत कुमार द्विवेदी ने बताया कि यह कदम राज्य में नेत्र चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा देगा. उन्होंने कहा कि संस्थान पहले से ही आंखों के इलाज के लिए प्रसिद्ध है और अब यहां उच्च स्तरीय पोस्टग्रेजुएट शिक्षा भी उपलब्ध होगी. साथ ही हर वर्ष 16 ऑप्टोमेट्री छात्रों के लिए इंटर्नशिप की व्यवस्था की गई है.
दो सीटें नेशनल कोटा, दो स्टेट कोटा से
समझौते के तहत चार डीएनबी सीटों में से दो पर नेशनल कोटा के जरिए और दो पर स्टेट कोटा से दाखिला लिया जाएगा. इससे देश के विभिन्न हिस्सों के छात्रों को भी बिहार में आकर विशेषज्ञ शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा.
रोजाना 700–800 मरीजों का इलाज
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, यहां प्रतिदिन लगभग 700 से 800 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं. मोतियाबिंद, ग्लूकोमा, रेटिना और कॉर्निया प्रत्यारोपण सहित गंभीर नेत्र रोगों की 80 से 100 सर्जरी रोज की जाती हैं. बढ़ती मरीज संख्या को देखते हुए डॉक्टरों की संख्या बढ़ाकर 17 कर दी गई है. इस पहल से राज्य में नेत्र चिकित्सा सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा दोनों को मजबूती मिलने की उम्मीद है.
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