पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल, इस सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने की चर्चा तेज, पढ़ें किसका बिगड़ सकता है गेम

    पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल, इस सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने की चर्चा तेज, पढ़ें किसका बिगड़ सकता है गेम

    औरंगाबाद(AURANGABAD): भोजपुरी के पावर सिंगर स्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ सकती है. ऐसा हम नहीं कह रहे है कि बल्कि ऐसा राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है. सोमवार को ज्योंति औरंगाबाद पहुंची, जिसके बाद राजनीति जगत में भूचाल आ गया है. ज्योति के औरंगाबाद आने से उनके विधानसभा चुनाव लड़ने के कयास लगाए जाने लगे है. इस कयास से पक्ष-विपक्ष के टिकटार्थी नेताओं के अभी से ही हांथ-पांव फूलने लगे है, उन्हे विधानसभा में जाने की उम्मीदों पर पानी फिरने का डर सताने लगा है.

     पवन-ज्योति का औरंगाबाद व रोहतास जिले में आना-जाना लगा रहता है

    आपको बताये कि पवन-ज्योति दंपत्ती के स्टारडम का जादू लोगों के सर चढ़कर बोलता है. दोनों की गजब की फैन फॉलोइंग है. दोनों में से एक भी जहां जाते है, उनकी एक झलक पाने के लिए लोगों का भारी हुजुम उमड़ पड़ता है. इसी वजह से दोनों ही जब औरंगाबाद आते है, तो चुपके ही आते है और चुपके ही वापस चले जाते है. मीडिया तक को भी उनके आने की कभी-कभार भनक नही लग पाती. इसके बावजूद जैसे ही लोगों को उनके आने की भनक लगती है. लोग भारी संख्या में उन्हे देखने और सुनने उमड़ आते है.

     औरंगाबाद भी चुपके से आई ज्योति

    सोमवार को भी पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह चुपके से ही आई और चुपके से ही चली गई लेकिन औरंगाबाद की राजनीतिक फिजाओं को गरमा गई. यहां की राजनीतिक फिजा में औरंगाबाद से ही ज्योति सिंह के विधानसभा चुनाव लड़ने की बातें तैरने लगी. ज्योति का विधानसभा चुनाव लड़ना तो तय है लेकिन अभी दल और सीट तय नही है.

    इस वजह से औरंगाबाद से चुनाव लड़ने की होने लगी चर्चा

    औरंगाबाद और काराकाट लोकसभा क्षेत्र में ज्योति सिंह जहां भी जाती है, वहीं से उनके विधानसभा चुनाव लड़ने की चर्चा जोर-शोर से होने लगती है. ज्योति के औरंगाबाद आने पर भी इसी तरह की चर्चा ने जोर पकड़ लिया. अब चर्चा में कितना दम है, इसका पता तो विधानसभा चुनाव का ऐन वक्त आने पर ही पता चलेगा लेकिन औरंगाबाद में तो फिलहाल ऐसी चर्चा चलने ही लगी है.

     चर्चा के पीछे भी राजनीतिक मकसद

    वैसे राजनीति के धुरंधर भी यह मानते है कि चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाले बड़े सेलेब्रिटी चर्चा में बने रहने के लिए जान-बूझकर किसी-किसी इलाके का दौरा कर ऐसे संकेत देते रहते है कि वे उसी इलाके से चुनाव लड़ सकते है ताकि क्षेत्र में उनके नाम की चर्चा होती रहे ताकि समय आने पर वे इसका राजनीतिक लाभ उठा सके.माना जा रहा है कि ज्योति सिंह ने औरंगाबाद आकर चर्चा में बने रहने के लिए ऐसा ही संकेत देने का काम किया है. ज्योति लड़ेगी चुनाव तो औरंगाबाद बन जाएगी हॉट सीट-यदि वाकई ज्योति के औरंगाबाद से विधानसभा चुनाव लड़ने की चर्चा में दम है, तो यह पक्ष-विपक्ष के दलों के टिकट चाहने वाले नेताओं के लिए हाथ-पांव फुलाने वाला है.यदि ज्योति सिंह औरंगाबाद से ही विधानसभा चुनाव लड़ती है तो निःसंदेह यहां का चुनावी मुकाबला काराकाट के हुए लोकसभा चुनाव जैसा रोचक और बेहद खर्चीला हो सकता है तथा यह सीट भी काराकाट लोकसभा की सीट जैसी हॉट सीट बन सकती है,साथ ही ज्योति के समर्थन में इलाके में भोजपुरी कलाकारों की फौज उतरी नजर आ सकती है.

    अभी ज्योति ने नही खोले तुरूप के पत्ते

    वैसे ज्योति सिंह ने अपने तुरूप के पत्ते अभी नही खोले है. ज्योति ने बातचीत के दौरान कहा कि विधानसभा चुनाव वह जरूर लड़ेगी.अभी सीट और दल फाइनल नही हुआ है.पार्टी टिकट को लेकर कई प्रमुख दलों से बात चल रही है. समय आने पर सबकुछ क्लियर हो जाएगा.        

    चर्चा को हम रोक नही सकते-ज्योति

    किसी खास सीट से ही उनके चुनाव लड़ने की चर्चा शुरू हो जाने को लेकर ज्योति ने कहा कि चर्चा वह तो नहीं कर रही है.लोग चर्चा कर रहे है. मैं उन्हे चर्चा करने से कैसे रोक सकती हूं.औरंगाबाद आगमन के प्रयोजन के बारे में ज्योति सिंह ने कहा कि चूंकि उनके पति पवन सिंह ने काराकाट लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था. यह सीट औरंगाबाद और रोहतास दोनों जिलों में पड़ता है. दोनों ही जिलों के क्षेत्र में उन्होने चुनाव के दौरान भरपूर भ्रमण किया है. इस दौरान इलाके में लोगों से दोनों के आत्मीय रिश्ते बन गए है. राजनीतिक कारणों और इन रिश्तों की वजह से ही वह और पवन सिंह लोगों के दुःख दर्द में शामिल होने औरंगाबाद और रोहतास दोनों ही जिलों में आते रहते है. औरंगाबाद के टिंकू टाईगर की इस क्षेत्र में एक अच्छे गायक के रूप में पहचान है.टिंकू के पिताजी का पिछले दिनों निधन हो गया था. उस वक्त वह व्यस्तताओं की वजह से शोक संतप्त परिवार से मिलने नही आ सकी थी. इसी वजह से वह टिंकू टाईगर के परिवारजनों से मिलने आई है. टिंकू टाईगर के घर आने का फिलहाल कोई राजनीतिक उदेश्य है.यह बात जरुर है कि जब वह चुनाव लड़ेंगी तो टिंकू टाईगर का साथ अवश्य मिलेगा.


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news