पटना (PATNA) : राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी राजद ने अपने छात्र संगठन को लेकर बड़ी तैयारी की है. इसे नए क्लेवर से लॉन्च किया गया है. सोमवार को प्रदेश राजद कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने छात्र संगठन के बारे में जानकारी दी. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि छात्र राजद को भंग किया गया था. पूर्व में जो छात्र राजद हुआ करता था उसे समाप्त करके नया संगठन एसएसएआई यानी Socialist Student Association of India के नाम से संगठन बनाया गया है. यह छात्र संगठन का नया नाम होगा. छात्र राजद आज से एसएसएआई के नाम से जाना जाएगा. इस संगठन का गठन चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों के अनुरूप किया गया है.
इस मौके पर छात्र राजद के प्रोफेसर नवल किशोर यादव ने कहा कि छात्र राजद पूर्व में अपनी उपस्थित को दर्शा चुका है. जेएनयू में दो बार काउंसलर के पद पर और दिल्ली यूनिवर्सिटी में भी काउंसलर के पद पर हमें विजय मिल चुकी है. पूरे देश के विश्वविद्यालय में हम लोग जाएंगे और जो हमारे दल की जो समाजवादी सोच है उसके आधार पर विद्यार्थियों को एकत्र करने का प्रयास करेंगे.
एजुकेशन, इक्वलिटी और एंपावरमेंट शामिल है
हमारे नए संगठन में जो वाक्य है उसमें एजुकेशन, इक्वलिटी और एंपावरमेंट शामिल है. यह हमारे संगठन का नया लोगो है और यह हमारे लोगों का सूत्र है. उन्होंने यह भी कहा कि पहले वह बिहार के हर विश्वविद्यालय में जाएंगे जो वहां पूर्व में काम कर रहे हैं उनके माध्यम से बातों को रखेंगे. फिर पूरे देश के विश्वविद्यालय में जाकर के अपनी बातों को रखेंगे.
वहीं मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्य के एनडीए सरकार के गठन पर दो लोगों को निर्णय लेना है. हमने पहले भी कहा है कि जो भी नया मुख्यमंत्री बनेगा उसे जनता का जनादेश नहीं है. कौन सीएम बन रहा है या नहीं सबके मन में लड्डू फूट रहा है.
दो माह में एक भी कैबिनेट मीटिंग नहीं हुई
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जाते-जाते बिहार का खजाना खाली कर दिए. 20 साल राज करने के बाद भी गरीब राज्य, प्रति व्यक्ति निवेश में सबसे कम है. न कोई इंडस्ट्री है न ही कोई कारखाना है. दो माह में एक भी कैबिनेट मीटिंग नहीं हुई आज तक ऐसा नहीं हुआ था. पूरे राज्य में क्राइम हो रहा है. अखबार के पन्ने लाल है. बीजेपी और एनडीए ने इसे बर्बाद कर दिया है. अब इसे और बर्बाद किया जाएगा.
जदयू कार्यालय से 25 से 30, फिर से नीतीश पोस्टर हटाए जाने पर उन्होंने कहा कि जदयू पर नीतीश जी का कोई निर्णय नहीं है. बीजेपी के जो जेडीयू में एजेंट है, वह सारे नेता निर्णय लेरहे हैं.पोस्टर तो हटना ही था. किसी को केस मुकदमा में बचाना है. किसी को मंत्री बनना है. किसी को ठेकेदारी करनी है.
खजाना खाली हो चुका है
यही सब होना है. बिहार में ठेकेदारों को देने के लिए एक पैसा नहीं है. खजाना खाली हो चुका है. हम अगर नहीं बोलते तो हमें सैलरी भी नहीं मिलती. यह भी जानकारी नहीं है कि केवल मुझे मिला है या और लोगों को भी मिला है. हैरत की बात है कि मेरे सेक्रेटरी से मेरा पैन नंबर और मेरा अकाउंट नंबर पूछा जा रहा है. वृद्धावस्था पेंशन, दो लाख रुपए सब रुका हुआ है. ऐसे में नौकरी कहां से दी जाएगी ?
Thenewspost - Jharkhand
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