अतीक अहमद की हत्या पर तेजस्वी ने कहा- अतीक का नहीं, कानून का निकला जनाजा, पप्पू यादव ने भी विधि व्यवस्था पर खड़े किये सवाल


पटना (PATNA): उत्तर प्रदेश राज्य के कुख्यात माफिया और समाजवादी पार्टी से सांसद विधानसभा सदस्य रह चुके अतीक अहमद की 15 अप्रैल को हुई हत्या से यूपी के साथ पूरे देश में हंगामा मच गया है. आखिर कैसे पुलिस सुरक्षा के बावजूद उसकी हत्या की घटना को अंजाम दिया गया. इस मामले को लेकर बिहार के नेता भी सवाल खड़े कर रहे है. और यूपी की योगी सरकार के विधि व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा कर रहे हैं.
अतीक का नहीं, कानून का निकला जनाजा- तेजस्वी यादव
आपको बता दें कि 15 अप्रैल को हुई अतीक अहमद की हत्या पर बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने भी सवाल उठाया है. तेजस्वी यादव ने कहा है कि जो लोग भी अपराधी हैं उन लोगों से हमे कोई सहानुभूति नहीं है. लेकिन अपराध का खात्मा करने के लिए कानून, संविधान, और कोर्ट है. इस देश में प्रधानमंत्री के हत्यारों का भी ट्रायल हुआ. और सजा मिली. लेकिन यूपी में जो हुआ ये अतीक का जनाजा नहीं है. बल्कि कानून का जनाजा निकला है.
पुलिस कस्टडी में यूपी में सबसे ज्यादा हुई हत्याएं- तेजस्वी
आगे तेजस्वी यादव ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि पुलिस कस्टडी में सबसे ज्यादा हत्या यूपी में हुई है. और यह सस्ती लोकप्रियता को पाने के लिए किया गया है.
क्रिमिनल दूसरे क्रिमिनल की हत्या कर देता है ये कैसा रामराज्य है- पप्पू यादव
इसके साथ ही अतीक अहमद की हत्या पर जाप सुप्रीमो पप्पू यादव ने पूर्णिया में कहा कि जिसने गोली मारी उसके पास 13 लाख का पिस्टल कहां से आया. इसे पैसा किसने दिया. दूसरा सवाल की तीनों शूटर को किसने बुलाया. पप्पू यादव ने यूपी सरकार से पूछा कि जब एक्स एमपी एमएलए आने वाला था. तो स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना क्यों नहीं थी. उन्होंने कहा कि एक क्रिमिनल दूसरे क्रिमिनल की हत्या कर देता है. और योगी उसे रामराज्य मानते हैं. क्या यही रामराज्य है. इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए.
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