औरंगाबाद(AURANGABAD):बिहार के औरंगाबाद जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहां एक चाचा ने अपने तीन भतीजा-भातिजी को एक-एक कर मौत के घाट उतार दिया है. पूरा मामला औरंगाबाद जिले के हसपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत इटवा के खुटहन गांव का है.जहां शुक्रवार के दिन एक ही परिवार के तीन मासूम बच्चों की निर्मम हत्या कर दी गई. आरोप परिवार के ही युवक, बच्चों के चाचा अमंत पाल (18) पर है.इस वारदात ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है.
पढ़े पुरा मामला
मिली जानकारी के मुताबिक तीन बच्चों के पिता वारदात के समय घर में नहीं थे. बताया जाता है कि बच्चों के पिता गुड्डू बाहर रहकर ट्रेन में खाना बनाने का काम करते है. घर में मां अनीता देवी और बच्चे ही थे.जानकारी के मुताबिक पिछले 10 दिन से घर में सास और बहू के बीच अनबन चल रही थी, जिसकी वजह से घर का महौल तनावपूर्ण बन चुका था.आशंका जताई जा रही है कि इसकी वजह से शायद इस खतरे को अंजाम दिया गया है.
मां की सतर्कता से खुला राज
मृतकों की पहचान अनीष (10), आयुष (7) और अनुष्का (5) के रूप में हुई है. तीनों बच्चों के शव घर के एक कमरे में मिले, जहां उनके गले पर धारदार हथियार से वार के गहरे निशान थे.कमरे के अंदर खून बिखरा पड़ा था, जिसे देखकर ग्रामीणों के रोंगटे खड़े हो गए.घटना के दौरान बच्चों की मां अनीता देवी को कुछ असामान्य लगा। उन्होंने कमरे का दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन वह अंदर से बंद था. संदेह होने पर उन्होंने शोर मचाया. आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुए.अंदर का मंजर देखकर सभी स्तब्ध रह गए.
बच्चों की हत्या के बाद खुद पर भी हमला किया
ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी ने वारदात के दौरान तेज आवाज में संगीत चला रखा था, ताकि बच्चों की चीख-पुकार बाहर तक न पहुंचे.घटना को अंजाम देने के बाद उसने खुद पर भी हमला कर लिया और धारदार हथियार से अपना गला काट लिया. उसे गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया है.ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी अमंत पाल का व्यवहार पहले से ही असामान्य था और वह अक्सर बाहर ही रहता था.दो दिन पहले ही वह घर लौटा था। उसकी शादी भी तय हो चुकी थी. गांव के लोग उसे ‘सनकी’ प्रवृत्ति का बताते हैं, हालांकि पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है.
मामले की जांच में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही दाउदनगर एसडीपीओ अशोक कुमार दास, सर्किल इंस्पेक्टर सुनील कुमार सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा और जांच शुरू की. इसके अलावा जिप प्रतिनिधि मो. एकलाख खां, रालोमो प्रखंड अध्यक्ष श्रीकांत कुमार वर्मा, विजय सैनी, अलखदेव प्रसाद अचल, जय कृष्ण पटेल और अशोक यादव भी घटनास्थल पर पहुंचे और परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की.पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है. फिलहाल हत्या के पीछे की स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है, लेकिन पारिवारिक विवाद और आरोपी की मानसिक स्थिति को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे है.इस हृदयविदारक घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है. तीन मासूमों की एक साथ हत्या से हर कोई स्तब्ध है और पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.
Thenewspost - Jharkhand
4+


