पटना : बिहार की राजनीति में एक ऐसा नाम जिसने करीब दो दशकों तक सत्ता और शासन की दिशा तय की.अब वही चेहरा दिल्ली की ओर कदम बढ़ा लिया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि वे जल्द ही केंद्र की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं. हालांकि केंद्र में उनकी भूमिका क्या होगी इसे लेकर अभी भी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है.
मुख्यमंत्री की “समृद्धि यात्रा” का तीसरा चरण
दिल्ली जाने की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री की “समृद्धि यात्रा” का तीसरा चरण शुरू हो गया है. इस चरण में वे बिहार के कोसी और सीमांचल क्षेत्र के जिलों का दौरा कर रहे हैं. यात्रा की शुरुआत सुपौल जिले से हुई जहां उन्होंने विकास योजनाओं का निरीक्षण किया और कई नई परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया.
84 योजनाओं का शिलान्यास और 129 योजनाओं का उद्घाटन
सुपौल में मुख्यमंत्री ने 84 योजनाओं का शिलान्यास और 129 योजनाओं का उद्घाटन किया. इस दौरान एक दिलचस्प दृश्य भी देखने को मिला जब शिलान्यास के समय मुख्यमंत्री खुद योजनाओं के बोर्ड गिनने लगे और उनके साथ मौजूद अधिकारी भी बोर्ड गिनने लगे. इसके बाद मधेपुरा में भी करोड़ों रुपये की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया जिनमें सड़क, नाला, थाना भवन और पैक्स गोदाम जैसे बुनियादी ढांचे के निर्माण शामिल हैं.
2005 से 2025 तक बिहार में हुए विकास कार्यों की चर्चा
सभा में बड़ी संख्या में महिलाओं की भीड़ देखने को मिली. अपने संबोधन में नीतीश कुमार ने 2005 से 2025 तक बिहार में हुए विकास कार्यों की चर्चा की और केंद्र सरकार के सहयोग की सराहना की. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि केंद्र सरकार से बिहार को लगातार मदद मिल रही है और योजनाओं की नियमित समीक्षा भी की जा रही है.
इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि 2005 से पहले बिहार में अपराध और भ्रष्टाचार का बोलबाला था लेकिन अब विकास और सुशासन की दिशा में काम हुआ है.
बिहार नीतीश कुमार के नेतृत्व और मार्गदर्शन में ही आगे बढ़ेगा
वहीं मंत्री विजय चौधरी ने भावुक अंदाज में कहा कि भले ही आप राज्यसभा चले जाएं लेकिन बिहार और बिहारवासियों से रिश्ता कभी मत तोड़िए. डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने भी कहा कि बिहार नीतीश कुमार के नेतृत्व और मार्गदर्शन में ही आगे बढ़ेगा.
लेकिन इन तमाम बयानों और विकास योजनाओं के बीच लोगों के मन में एक सवाल लगातार उठ रहा है क्या यह सिर्फ एक विकास यात्रा है या फिर बिहार की राजनीति से एक लंबे अध्याय की शांत विदाई ?
Thenewspost - Jharkhand
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