बिहार के इस डीएसपी के हाथ कैसे लग गया "कारू का खजाना", छापेमारी के बाद अब आगे क्या, पढ़िए

    बिहार के इस डीएसपी के हाथ कैसे लग गया "कारू का खजाना", छापेमारी के बाद अब आगे क्या, पढ़िए

    बिहार: 30 साल की बिहार में पुलिस की सेवा और कमाई इतना अधिक कि  छापेमारी करने गई टीम के भी होश उड़ गए.  आखिर उन्होंने क्या ऐसा किया कि उन पर धन वर्षा होने लगी.  वह फिलहाल बिहार के जहानाबाद में पोस्टेड है. जहानाबाद में पोस्टेड पुलिस के डीएसपी संजीव कुमार ने अकूत संपत्ति अर्जित की है.  खगड़िया में पोस्टिंग के दौरान  भारी निवेश किया था.  इसका खुलासा अब जाकर धीरे-धीरे हो रहा है.  खगड़िया में पोस्टिंग के दौरान भू माफिया से सांठगांठ  का भी उन पर आरोप लग रहे है.  आखिर डीएसपी जैसे अधिकारी की किस तरह उन्होंने नौकरी की कि इतना धन अर्जित कर लिया.  उनके पास 6 कीमती प्लॉट, पत्नी के नाम पर 3 करोड रुपए के 10 ट्रक के कागजात  भी मिले है.  बिहार की विशेष निगरानी इकाई ने शुक्रवार की सुबह जहानाबाद के पुलिस डीएसपी मुख्यालय संजीव कुमार के तीन ठिकानों पर छापेमारी की. 

    तीन जगहों पर की गई एक साथ छापेमारी 

     पटना, जहानाबाद एवं खगड़िया  स्थित आवासीय एवं कार्यालय परिसर में एक साथ की गई छापेमारी में  कीमती प्लॉट समेत डीएसपी की पत्नी के नाम से तीन करोड रुपए मूल्य के 10 ट्रक  के कागजात निगरानी इकाई को मिले है.  इसके पहले गुरुवार को संजीव कुमार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई थाने में आय  से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया था.  छापेमारी के दौरान संजीव कुमार की पटना के रामनगरी में चार मंजिला इमारत की जानकारी मिली.  वही खगड़िया  स्थित बहुमंजिले   अस्पताल में छापेमारी की गई और वहां निजी कमरे से कई गोपनीय दस्तावेज जब्त  किए गए.  खगड़िया में तलाशी के दौरान ही आरोपी डीएसपी की पत्नी के नाम से 10 ट्रक  होने के प्रमाण मिले.  जहानाबाद में सरकारी आवास से कुछ और भी आपत्तिजनक दस्तावेज  मिले है.   
     
    खगड़िया में तैनाती के दौरान अकूत सम्पति अर्जित की 
     
    खगड़िया में तैनाती के दौरान संजीव कुमार ने भू माफिया से सांठगांठ कर   भूखंड में लाखों रुपए का निवेश किया है.  जानकारी के अनुसार इकाई ने  आय  से अधिक संपत्ति में जितने का जिक्र  किया है, उससे अधिक चल -अचल संपत्ति के सबूत मिले है.  डीएसपी और उनकी पत्नी के नाम से एसबीआई, पीएनबी, बैंक ऑफ़ इंडिया और आईडीबीआई में भी कई खातों की जानकारी मिली है.  जिनकी जांच की जा रही है.  संजीव कुमार साल 1994 में सरकारी सेवा में आए थे.

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो  


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