राष्ट्रीय युवा दिवस पर बिहार स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी और बी.डी. कॉलेज द्वारा एचआईवी-एड्स जागरूकता पर कार्यक्रम

    राष्ट्रीय युवा दिवस पर बिहार स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी और बी.डी. कॉलेज द्वारा एचआईवी-एड्स जागरूकता पर कार्यक्रम
    बिहार स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी और बी.डी. कॉलेज, पटना ने संयुक्त रूप से एचआईवी-एड्स जागरूकता के लिए स्किट प्रतियोगिता का आयोजन किया. इस प्रतियोगिता में 22 संस्थानों के करीब 300 छात्रों ने भाग लिया.

    पटना :  राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य में, बिहार स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी (BSACS) और बी.डी. कॉलेज, पटना ने मिलकर एक शानदार कार्यक्रम का आयोजन किया। आज पटना के बापू टावर में एचआईवी-एड्स के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक स्किट प्रतियोगिता और 'आर.आर.सी. टॉक' (रेड रिबन क्लब टॉक) का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में युवाओं को एचआईवी-एड्स के बारे में सही जानकारी देने और समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने पर विशेष ज़ोर दिया गया.

    इस अवसर पर बिहार स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी के परियोजना निदेशक श्री सुमित कुमार और बी.डी. कॉलेज, पटना की प्राचार्य प्रो. रत्ना अमृत मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं.

    युवाओं की भागीदारी का महत्व

    श्री सुमित कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी एचआईवी-एड्स की रोकथाम और जागरूकता के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि एचआईवी के खिलाफ इस लड़ाई में युवाओं की भागीदारी बहुत ज़रूरी है, क्योंकि वे ही समाज में सही संदेश फैला सकते हैं. उन्होंने युवाओं से सुरक्षित व्यवहार अपनाने, नियमित एचआईवी जांच करवाने और समाज में व्याप्त गलतफहमियों को दूर करने में आगे आने की अपील की. श्री कुमार ने कहा कि सही जानकारी, सकारात्मक सोच और मिलकर काम करने से ही एचआईवी-एड्स पर काबू पाया जा सकता है.

    रेड रिबन क्लब: जागरूकता का सशक्त मंच

    प्रो. रत्ना अमृत ने अपने विचार रखते हुए कहा कि रेड रिबन क्लब युवाओं को एचआईवी और एड्स के प्रति जागरूक करने का एक बेहतरीन मंच है.  उन्होंने बताया कि कॉलेज के छात्र-छात्राएं समाज में जागरूकता फैलाने और गलत धारणाओं को दूर करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं. उन्होंने युवाओं को रेड रिबन क्लब से जुड़कर जागरूकता अभियानों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया. प्रो. अमृत ने कहा कि सकारात्मक सोच, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी भरे व्यवहार से ही हम एचआईवी-एड्स मुक्त समाज की ओर बढ़ सकते हैं.

    प्रतिभागियों का उत्साह और संदेश

    इस कार्यक्रम में 22 शिक्षण संस्थानों के लगभग 300 छात्रों ने भाग लिया. उन्होंने एचआईवी-एड्स जागरूकता के विषय पर अपने विचार साझा किए. विभिन्न संस्थानों की टीमों ने स्किट प्रस्तुत करके यह महत्वपूर्ण संदेश दिया कि एड्स किसी के साथ रहने, छूने या सामाजिक संपर्क से नहीं फैलता है. यह मुख्य रूप से असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई के इस्तेमाल और संक्रमित खून के माध्यम से फैलता है. कार्यक्रम के दौरान इस विषय पर समाज में मौजूद गलतफहमियों को दूर करने पर विशेष ध्यान दिया गया.

    विजेताओं को किया गया सम्मानित

    'आर.आर.सी. टॉक' प्रतियोगिता में संजीवनी सिंह ने पहला स्थान हासिल किया, खुशी राज दूसरे और मुस्कान तीसरे स्थान पर रहीं. स्किट प्रतियोगिता में एन.सी.सी. टीम प्रथम रही, ए.एन. कॉलेज पटना को दूसरा और कॉलेज ऑफ कॉमर्स को तीसरा स्थान मिला.

    इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य युवाओं को जिम्मेदार व्यवहार अपनाने, एचआईवी जांच के प्रति जागरूक करने और बिना किसी भेदभाव वाले समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था. कार्यक्रम के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया कि जागरूकता, समझ और सकारात्मक सोच से ही हम एचआईवी/एड्स के खिलाफ एक प्रभावी लड़ाई लड़ सकते हैं.

    इस आयोजन में श्री मनोज कुमार सिन्हा, श्री एन.के. गुप्ता, श्री अजीत कुमार सिन्हा, श्री आलोक सिंह सहित बीएसएसीएस (BSACS) के कई अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे.


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