बिहार के धरोहरों की होगी उचित देखभाल, संग्रहालय प्रयोगशाला की स्थापना पर बनी सहमति  

    बिहार के धरोहरों की होगी उचित देखभाल, संग्रहालय प्रयोगशाला की स्थापना पर बनी सहमति  

    बिहार(BIHAR): राज्य की कला आज नहीं बल्कि पूर्व से ही विश्व प्रसिद्ध है. सम्राट अशोक के समय से ही यहां की कला और संस्कृति का डंका विश्व में बजता था. इसी प्रकार बिहार अपने कला और संग्रहालय को लेकर सजगता दिखते हुए पूर्व में ही भारत सरकार से संरक्षण प्रयोगशाला (Conservation Lab)  की मांग कर चुका है, जिसके आलोक में  आज संग्रहालय प्रयोगशाला की स्थापना के लिए लिली पाण्डेय एवं डॉ सतीश पाण्डे, का आगमन हुआ है.  

    संग्रहित वस्तुओं को उपचार ही पड़ती है जरूरत जानिए इस दिशा मे क्या निर्णय लिए गए

    बता दें बिहार में संग्रहित पुरावशेषों एवं कलाकृतियों के देख-रेख एवं रख-रखाव के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर के संरक्षण प्रयोगशाला (Conservation Lab) की आवश्यकता महसूस की जा रही थी. जिससे संग्रहालय में संग्रहित एवं प्रदर्शित पुरावशेषों / कलाकृतियों का ससमय आवश्यकतानुसार उपचार किया जा सके. इस संबंध में महानिदेशक, बिहार संग्रहालय के द्वारा देश के वैसे सभी संस्थानों से सम्पर्क स्थापित किया गया, जिनके पास संरक्षण प्रयोगशाला हो. इस आलोक में डॉ सतीश पाण्डे, संरक्षण प्रयोगशाला के प्रमुख ( NMI) को उक्त के संबंध में आवश्यक सुझाव हेतु , पूर्व में बिहार संग्रहालय में आमंत्रित किया गया था. उनके द्वारा संग्रह को देखते हुए संरक्षण प्रयोगशाला की स्थापना हेतु सुझाव दिया गया था. साथ ही, संरक्षण प्रयोगशाला की स्थापना पर भी चर्चा की गई थी, इनके द्वारा दिए गए सुझाव के आलोक में बिहार संग्रहालय, पटना में लैब  की स्थापना पर बिहार संग्रहालय, पटना के पदाधिकारियों के बीच सहमति बनी.

    संग्रहालय प्रयोगशाला की स्थापना हेतु हुआ विचार विमर्श 

    बिहार संग्रहालय, पटना द्वारा संरक्षण प्रयोगशाला की स्थापना हेतु लिली पाण्डेय संयुक्त सचिव, संस्कृति मंत्रालय-सह-कुलपति, राष्ट्रीय संग्रहालय संस्थान, भारत सरकार  को अनुरोध पत्र भेजा गया था. उक्त अनुरोध पत्र के आलोक में आज दिनांक 12.12.2022 को संग्रहालय प्रयोगशाला की स्थापना हेतु लिली पाण्डेय एवं डॉ सतीश पाण्डे, का आगमन हुआ है. संग्रहालय प्रयोगशाला की स्थापना हेतु विभिन्न बिन्दुओं पर विचार-विमर्श किया गया. इस दौरान महानिदेशक, बिहार संग्रहालय द्वारा संग्रहालय में प्रदर्शित एवं रक्षित पुरावशेषों / कलाकृतियों के बारे में विस्तृत रूप से चर्चा किया गया. विचार-विमर्श के दौरान संग्रहालय प्रयोगशाला की सहमति बनी. साथ ही, लैब की स्थापना हेतु अंजनी कुमार सिंह, महानिदेशक, बिहार संग्रहालय एवं लिली पांडे के बीच एकरारनामा किया गया. बिहार संग्रहालय, पटना और राष्ट्रीय संग्रहालय संस्थान, भारत सरकार के बीच सहभागिता के तहत विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों के आयोजन कराने पर सहमति बनी. साथ ही,  इन विशिष्ट अतिथियों को बिहार संग्रहालय, पटना के दीर्घाओं का भी भ्रमण कराया गया.


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