पटना(PATNA):बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को 542 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली उस महत्वाकांक्षी परियोजना का कार्यारंभ किया, जिसके तहत बिहार संग्रहालय और पटना संग्रहालय को आपस में जोड़ने के लिए एक आधुनिक सुरंग (टनल) का निर्माण किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने शिलापट्ट का अनावरण कर तथा निर्माण मशीन का बटन दबाकर इस परियोजना की शुरुआत की.इस सुरंग के निर्माण से दोनों संग्रहालयों के बीच आवाजाही सुगम हो जाएगी. पर्यटक एक ही परिसर के अनुभव की तरह दोनों संग्रहालयों में लगे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रदर्शों का अवलोकन कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ तेजी से पूरा किया जाए ताकि राज्य के पर्यटन को बढ़ावा मिल सकेउन्होंने यह भी कहा कि परियोजना के दौरान नेहरू पथ पर यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही भविष्य में बढ़ने वाले पर्यटकों की संख्या को देखते हुए पर्याप्त पार्किंग और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए.
मुख्यमंत्री ने बिहार संग्रहालय का परिभ्रमण किया
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने बिहार संग्रहालय का परिभ्रमण किया. इस दौरान संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह ने नए प्रदर्शों, पर्यटकों की संख्या, पार्किंग व्यवस्था और परिसर में उपलब्ध अन्य सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने संग्रहालय के संचालन और सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए.मुख्यमंत्री ने बिहार संग्रहालय के सामने पुनर्विकसित किए जा रहे 60 आवास एवं ऑफिसर्स हॉस्टल कैम्पस तथा पार्क निर्माण स्थल का भी निरीक्षण किया. अधिकारियों ने साइट प्लान के माध्यम से जानकारी दी कि यहां एक बहुमंजिला भवन बनाया जाएगा, जिसमें आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी.
नए परिसर में
• सोलर पार्किंग शेड
• ओपन पार्किंग
• क्लब हाउस
• पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था
जैसी सुविधाओं का प्रावधान किया जाएगा.मुख्यमंत्री ने कहा कि पुराने ढांचे को हटाकर आधुनिक बहुमंजिला इमारत का निर्माण किया जाना लंबे समय से उनकी प्राथमिकता रही है, जिससे आवासन व्यवस्था बेहतर होगी.
पटना संग्रहालय छोर का भी निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने सुरंग के पटना संग्रहालय वाले छोर का भी स्थल निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्माण कार्य से जुड़े आवश्यक निर्देश दिए.
Thenewspost - Jharkhand
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